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हल्दिया में बाढ़ प्रभावितों का हाल जानने पहुंचीं मंत्री अग्निमित्रा पाल

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हल्दिया में बाढ़ प्रभावितों का हाल जानने पहुंचीं मंत्री अग्निमित्रा पाल


हल्दिया, 18 अगस्त (हि.स.)।

लगातार हो रही भारी बारिश और जलजमाव से प्रभावित लोगों का हाल जानने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार की मंत्री अग्निमित्रा पाल ने मंगलवार को हल्दिया के दुर्गाचक, सुताहाटा और रानीचक क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा की।

मंत्री ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में लगभग 80 राहत शिविर बनाए गए हैं। करीब 6,000 से 6,500 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें से लगभग 4,000 लोगों को पहले ही राहत शिविरों में पहुंचाया जा चुका है। शेष लोगों को भी सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की प्रक्रिया जारी है।

उन्होंने कहा कि कई लोग अपने घर छोड़ने को तैयार नहीं हैं, जिसके कारण खतरा बढ़ रहा है। मंगलवार को एक बुजुर्ग व्यक्ति की कच्चे मकान की दीवार गिरने से मौत हो गई। इस घटना के बाद उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि माइकिंग कर लोगों को जागरूक किया जाए और कोई भी व्यक्ति कच्चे मकान में न रहे। जरूरत पड़ने पर लोगों को राहत शिविरों में ले जाया जाएगा।

अग्निमित्रा पाल ने कहा कि प्रभावित इलाकों में भोजन, पेयजल, तिरपाल, बोरियां, गैस सिलेंडर, बच्चों के कपड़े और अन्य आवश्यक सामग्री की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने राहत कार्यों के लिए 10 हजार तिरपाल भेजे हैं तथा आपदा प्रबंधन विभाग को एक करोड़ रुपये की सहायता भी उपलब्ध कराई गई है ताकि किसी भी प्रभावित व्यक्ति को परेशानी न हो।

मंत्री ने बताया कि एनडीआरएफ की एक टीम इलाके में काम कर रही है। टीम के पास तीन मोटर चालित फुलाए जाने वाले बोट हैं, लेकिन कम जलस्तर वाले क्षेत्रों में उन्हें चलाने में कठिनाई हो रही है। ऐसे में स्थानीय मछुआरों की मदद से अतिरिक्त नावों की व्यवस्था की जा रही है, ताकि राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाई जा सके।

इस दौरान अग्निमित्रा पाल ने पूर्व तृणमूल कांग्रेस सरकार पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पिछले 15 वर्षों से लोग हर साल जलजमाव और बाढ़ जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं, लेकिन स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस योजना नहीं बनाई गई। उन्होंने सवाल उठाया कि हल्दिया के लिए मास्टर प्लान क्यों नहीं तैयार किया गया?

उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार को कार्यभार संभाले अभी केवल 100 दिन हुए हैं और इतने कम समय में किसी बड़े मास्टर प्लान को लागू करना संभव नहीं है। हालांकि सरकार हल्दिया सहित राज्य के अन्य जलभराव प्रभावित क्षेत्रों के लिए दीर्घकालिक योजना तैयार करेगी।

अग्निमित्रा पाल ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रभावित लोगों तक हर संभव सहायता पहुंचाना है और राहत सामग्री के वितरण में पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, हम पिछली सरकार की तरह तिरपाल चोरी नहीं करते, यह हमारा रिकॉर्ड है।

मंत्री ने आशा जताई कि प्रशासन और राहत एजेंसियों के संयुक्त प्रयासों से जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी और प्रभावित लोगों को आवश्यक सहायता मिलती रहेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा