तारातला वेयरहाउस हादसे पर मंत्री अग्निमित्रा पाल का बड़ा बयान
कोलकाता, 25 जून (हि. स.)। कोलकाता के तारातला ट्रांसपोर्ट क्षेत्र के पास हुए वेयरहाउस हादसे को लेकर राज्य की मंत्री अग्निमित्रा पाल ने कहा कि यदि निर्माण कार्य स्वीकृत नक्शे (सैंक्शन प्लान) के अनुसार नहीं हुआ और निगरानी में लापरवाही बरती गई है तो जिम्मेदारों को जवाब देना होगा। उन्होंने कहा कि यह जांच का विषय है कि इस मामले में कोलकाता नगर निगम (केएमसी) की किसी स्तर पर कोई भूमिका या लापरवाही रही या नहीं।
उन्होंने कहा कि यदि निर्माण योजना को मंजूरी दी गई थी तो उसकी नियमित मॉनिटरिंग भी संबंधित विभागों की जिम्मेदारी थी। सरकार के एक महीने तक निर्माण कार्य रोकने के फैसले पर उन्होंने कहा कि सभी को निर्देशों का पालन करना होगा, अन्यथा कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही बिल्डर संगठनों और निर्माण एजेंसियों के साथ बैठक कर उन्हें जागरूक किया जाएगा।
अग्निमित्रा पाल ने कहा कि निर्माण कार्य बंद रहने से मजदूर प्रभावित हो सकते हैं, लेकिन भविष्य में ऐसे हादसे रोकने के लिए व्यवस्था में सुधार जरूरी है। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में सैंक्शन प्लान के पालन और निगरानी को लेकर व्यापक समीक्षा की आवश्यकता है।
हादसे के तकनीकी पहलुओं पर उन्होंने दावा किया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार लोहे के पिलरों को पर्याप्त वेल्डिंग के बिना केवल नट-बोल्ट से जोड़ा गया था और बाद में सीमेंट संरचना का भार बढ़ने से ढांचा गिर गया। हालांकि अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद सामने आएगा।
उन्होंने बताया कि हादसे में अब तक आठ लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि घटनास्थल पर मौजूद लोगों की संख्या को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने 31 जुलाई तक नए निर्माण कार्यों की ऑडिट रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया है। इसके आधार पर एसओपी तैयार कर विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि हादसे में जो भी दोषी पाए जाएंगे— चाहे इंजीनियर, अधिकारी या अन्य संबंधित पक्ष— उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

