तृणमूल कांग्रेस में बढ़ रही अंदरूनी कलह, अग्निमित्रा पाल ने कहा- जनता बदलाव का मन बना चुकी है
कोलकाता, 03 जून (हि. स.)। राज्य की महिला एवं शिशु कल्याण मंत्री अग्निमित्रा पाल ने तृणमूल कांग्रेस की आंतरिक स्थिति, नेतृत्व शैली और संगठनात्मक संकट को लेकर तीखा हमला बोला है। बुधवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस के भीतर असंतोष लगातार बढ़ रहा है और पार्टी के कई नेता वर्तमान नेतृत्व से नाराज हैं।
उन्होंने कहा कि कुछ विधायक और नेता पार्टी के भीतर वैकल्पिक नेतृत्व को लेकर सक्रिय हैं तथा इस संबंध में विधानसभा अध्यक्ष से भी मुलाकात की गई है। उन्होंने कहा कि यह तृणमूल कांग्रेस का आंतरिक मामला है, लेकिन पार्टी के भीतर चल रही घटनाएं संगठन में बढ़ती अस्थिरता की ओर संकेत करती हैं।
अग्निमित्रा पाल ने आरोप लगाया कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के कुछ नेताओं का व्यवहार अहंकारी हो गया है, जिसके कारण कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच असंतोष बढ़ा है। उन्होंने कहा कि जनता भी इस प्रकार की राजनीति से ऊब चुकी है।
उन्होंने कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल, समाजवादी पार्टी और अन्य क्षेत्रीय दलों का उदाहरण देते हुए कहा कि परिवार आधारित राजनीति लंबे समय तक टिकाऊ नहीं होती। उनके अनुसार, लोकतंत्र में जनता अंततः योग्यता और कार्य के आधार पर निर्णय लेती है।
मंत्री ने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस के कुछ विधायकों द्वारा विधानसभा में विपक्ष के नेता के चयन को लेकर हस्ताक्षर जुटाने और राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिशें की गई हैं। यदि इस प्रकार के आरोप सही साबित होते हैं तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए चिंताजनक होगा।
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर आलोचना करते हुए अग्निमित्रा पाल ने कहा कि विभिन्न विभागों में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रशासनिक व्यवस्था को व्यवस्थित करने और पारदर्शिता लाने के लिए वर्तमान सरकार लगातार प्रयास कर रही है।
अग्निमित्रा पाल ने विश्वास जताया कि राज्य की जनता विकास, सुशासन और पारदर्शिता के पक्ष में अपना समर्थन जारी रखेगी तथा आने वाले समय में राजनीतिक परिदृश्य में और बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

