अभिषेक पर हमले के लिए ममता बनर्जी जिम्मेदार : अग्निमित्रा पाल
पश्चिम बर्दवान, 31 मई (हि.स.)। कोलकाता में शनिवार
केंद्रीय शहरी विकास एवं आवास मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ बैठक के बाद पश्चिम बंगाल सरकार की मंत्री अग्निमित्रा पाल ने राज्य की राजनीतिक स्थिति को लेकर तीखा हमला बोला।
अग्निमित्रा पाल ने अभिषेक बनर्जी पर हमले तथा पार्षदों और विधायकों के पलायन को लेकर कहा कि ममता बनर्जी ने मुख्यमंत्री के पद पर रहते हुए तुष्टीकरण के नाम पर आम नागरिकों को धमकाया था। उन्होंने कहा था, अगर वह नहीं रहेंगे तो एक विशेष समुदाय कुछ ही मिनट में 12 से 13 बजे देंगे। मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर रहते हुए इस तरह की टिप्पणी के कारण ही राज्य में कानून व्यवस्था खराब हुई थी। उनके विवादित बयानों ने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को कमजोर किया है। तृणमूल के लोगों को अब जनआक्रोश का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के नेताओं और जनप्रतिनिधियों को जनता के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। उनके अनुसार, कई स्थानों पर लोगों द्वारा जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नाराजगी जताई जा रही है।
उन्होंने कहा कि मानसून आने में अब अधिक समय नहीं बचा है, लेकिन राज्य के कई नगर निगमों और नगर पालिकाओं में पार्षदों की अनुपस्थिति से विकास कार्य प्रभावित हो सकते हैं। अग्निमित्रा पाल ने आरोप लगाया कि पिछले 15 वर्षों में भ्रष्टाचार, सिंडिकेट राज और अनियमितताओं के कारण जनता का भरोसा टूट गया है, जिसके चलते कई जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्रों से दूरी बना रहे हैं।
मंत्री ने कहा कि अब जनता जवाब मांग रही है और केवल राजनीतिक संरक्षण के भरोसे काम नहीं चलेगा। उन्होंने दावा किया कि भाजपा बिना किसी भेदभाव के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक कार्य जारी रहेंगे।
अभिषेक बनर्जी पर हाल में हुए विरोध और हमलों के मुद्दे पर भी अग्निमित्रा पाल ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी
और तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि राज्य में तृणमूल कांग्रेस की जो स्थिति बनी है, उसके लिए पार्टी नेतृत्व की नीतियां और कार्यशैली जिम्मेदार हैं। बीते 15 वर्षों से शोषित और कुंठित जनता का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

