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आरजी कर मामले में तीन आईपीएस अधिकारियों के निलंबन पर अग्निमित्रा का बयान, कहा - अहम प्रशासनिक कार्रवाई

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आरजी कर मामले में तीन आईपीएस अधिकारियों के निलंबन पर अग्निमित्रा का बयान, कहा - अहम प्रशासनिक कार्रवाई


कोलकाता, 15 मई (हि. स.)। पश्चिम बंगाल की महिला एवं बाल विकास मंत्री अग्निमित्रा पाल ने आर.जी. कर मामले को लेकर बयान देते हुए कहा है कि इस बहुचर्चित केस को दोबारा खोलकर निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि इस मामले में तीन अधिकारियों — विनीत गोयल, नैना मुखर्जी और अभिजीत गुप्ता — को निलंबित कर दिया गया है, जो इस केस में एक अहम प्रशासनिक कार्रवाई मानी जा रही है।

मंत्री ने आरोप लगाया कि यह मामला बंगाल के सबसे बड़े और संवेदनशील मामलों में से एक है, लेकिन पीड़ित को अब तक न्याय नहीं मिला। उन्होंने कहा कि शुरुआत से ही इस केस में कई सवाल खड़े हुए, जिनमें पोस्टमार्टम का समय, सबूतों के प्रबंधन और सीसीटीवी फुटेज की अनुपलब्धता शामिल है। उनका कहना है कि केवल एक आरोपित को जिम्मेदार ठहराना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरे घटनाक्रम की गहराई से जांच होनी चाहिए।

अग्निमित्रा ने यह भी दावा किया कि मामले में कई ऐसी परिस्थितियां सामने आई हैं, जो एक बड़ी साजिश की ओर इशारा करती हैं। मंत्री के अनुसार, जिस तरह सबूतों को संभाला गया और घटनास्थल पर बाद में निर्माण कार्य शुरू किया गया, उससे संदेह और गहरा गया है।

उन्होंने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रुख का जिक्र करते हुए कहा कि शुरुआत से ही पारदर्शी जांच की बात कही गई थी। साथ ही राज्य के नेतृत्व पर भी सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि सच्चाई सामने लाना जरूरी है।

इसके अलावा, मंत्री अग्निमित्रा पाल ने कोलकाता और पूरे बंगाल में बढ़ती गंदगी और जलजमाव की समस्या को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में यह स्थिति और गंभीर हो सकती है, जिससे डेंगू जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इस समस्या से निपटने के लिए सरकार एक जियो-टैगिंग आधारित मोबाइल ऐप लॉन्च करने की तैयारी में है, जिसके जरिए आम लोग गंदगी की तस्वीर भेज सकेंगे और संबंधित विभाग एक से दो घंटे के भीतर सफाई सुनिश्चित करेगा।

उन्होंने कहा कि जनता की भागीदारी से ही “सोनार बांग्ला” का सपना साकार किया जा सकता है और सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठा रही है। वहीं, राज्य में अवैध निर्माण और अतिक्रमण को लेकर भी उन्होंने सख्त रुख अपनाने की बात कही। मंत्री ने संकेत दिया कि बिना अनुमति और नियमों के खिलाफ बनाए गए निर्माणों पर जल्द ही सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा