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बर्नपुर दौरे पर मंत्री अग्निमित्रा पाल का विपक्ष पर साधा निशाना

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बर्नपुर दौरे पर मंत्री अग्निमित्रा पाल का विपक्ष पर साधा निशाना


बर्नपुर दौरे पर मंत्री अग्निमित्रा पाल का विपक्ष पर साधा निशाना


पश्चिम बर्दवान, 23 जुलाई (हि. स.)। राज्य की महिला एवं शिशु कल्याण तथा शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पाल ने गुरुवार को बर्नपुर अंचल में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लिया। बर्नपुर रिवरसाइड स्कूल में आयोजित बास्केटबॉल प्रतियोगिता के आयोजन में पहुंची। गुरुवार शाम को मंत्री अग्निमित्रा पाल ने पोलो ग्राउंड में आयोजित रथ यात्रा मेले में शामिल होकर भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं, कानून-व्यवस्था, सीमा सुरक्षा, दस्तावेजों में कथित अनियमितताओं, परीक्षा प्रश्नपत्र लीक, डेंगू नियंत्रण तथा आसनसोल के विकास जैसे अनेक मुद्दों पर अपनी बात रखी।

मंत्री ने कहा कि सरकार विकास कार्यों को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि पूर्ववर्ती सरकार के समय भी कई विकास परियोजनाओं के लिए जमीन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था, लेकिन आवश्यक कदम नहीं उठाए गए। अब वर्तमान सरकार जहां जरूरत होगी वहां भूमि उपलब्ध कराकर विकास परियोजनाओं को गति देने का प्रयास कर रही है।

महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधते हुए अग्निमित्रा पाल ने कहा कि महिलाओं के सम्मान की बात करने का नैतिक अधिकार तृणमूल कांग्रेस खो चुकी है। उन्होंने सांसद कल्याण बनर्जी के विवादित व्यवहार का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे मामलों से महिलाओं के प्रति पार्टी का रवैया उजागर होता है।

उन्होंने राज्य में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के थानों की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

उन्होंने कहा कि भारत सरकार सीमाओं की सुरक्षा को और अधिक मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रही है तथा बीएसएफ को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

बीरभूम हिंसा का उल्लेख करते हुए मंत्री ने आरोप लगाया कि जिन पीड़ित परिवारों को सरकारी नियमों के अनुसार 25 लाख रुपये की सहायता मिलनी चाहिए थी, उन्हें केवल दो लाख रुपये दिए गए, जबकि घायलों को पांच लाख रुपये के स्थान पर मात्र 15 हजार रुपये की सहायता दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के बजाय कुछ लोगों को पदोन्नति तक दी गई।

राज्य में विभिन्न मामलों की जांच का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कई पुराने मामलों की फाइलें दोबारा खोली जा रही हैं। भ्रष्टाचार, घोटालों और अत्याचार से जुड़े मामलों की जांच आगे बढ़ रही है और कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

संसद में अनुशासन के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि जो जनप्रतिनिधि संसद की गरिमा का सम्मान नहीं करते और सदन की कार्यवाही में व्यवधान उत्पन्न करते हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई होना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार में अनुशासनहीनता किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी और संसदीय मर्यादा का पालन सभी सांसदों की जिम्मेदारी है।

दिल्ली में भाजपा के आंदोलन को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण आंदोलन प्रत्येक राजनीतिक दल का अधिकार है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने भी महिलाओं को न्याय दिलाने और जनहित के अनेक मुद्दों को लेकर आंदोलन किए हैं तथा लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना लोकतंत्र की मूल भावना है।

परीक्षा प्रश्नपत्र लीक मामले पर उन्होंने कहा कि सरकार ने तत्काल अगली परीक्षा की घोषणा कर दी थी। भविष्य में परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए डिजिटल व्यवस्था को बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

आसनसोल के विकास कार्यों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि कालीपहाड़ी से दामोदर नदी तक फ्लाईओवर निर्माण की व्यवहार्यता का अध्ययन कराया जा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा