अभिषेक बनर्जी पर हमले और अरुप विश्वास के खिलाफ शिकायत को लेकर अग्निमित्रा पाल का पलटवार
पश्चिम बर्दवान, 31 मई (हि.स.)।
पश्चिम बंगाल की शहरी विकास तथा महिला एवं शिशु कल्याण मंत्री अग्निमित्रा पाल ने रविवार को आसनसोल में विपक्ष के आरोपों पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस पर हिंसक राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य के विकास में सभी दलों को सहयोग करना चाहिए।
अभिषेक बनर्जी को अस्पताल में भर्ती किए जाने को लेकर उठ रहे सवालों पर मंत्री ने कहा कि किसी मरीज को भर्ती करना या न करना चिकित्सकों का निर्णय होता है। उन्होंने कहा कि यदि डॉक्टरों को लगता है कि किसी व्यक्ति को केवल प्राथमिक उपचार या दवा की आवश्यकता है, तो उसे अस्पताल में भर्ती करना जरूरी नहीं होता। इस मुद्दे पर राजनीतिक विवाद खड़ा करना उचित नहीं है।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य पश्चिम बंगाल को विकास के रास्ते पर आगे ले जाना है और विपक्ष को भी सकारात्मक राजनीति करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि लंबे समय तक चली राजनीति के बाद जनता ने बदलाव का अवसर दिया है और सरकार को काम करने का मौका मिलना चाहिए।
विधाननगर पुलिस कमिश्नरेट में अरुप विश्वास और सुजीत बोस के खिलाफ दर्ज शिकायतों के संदर्भ में अग्निमित्रा पाल ने कहा कि अब राज्य में कानून का शासन स्थापित हो रहा है और संविधान के अनुसार कार्रवाई होगी. उन्होंने दावा किया कि पूर्ववर्ती शासनकाल में शासन का कानून चलता था।
उन्होंने कहा कि प्रसिद्ध फुटबॉल प्लेयर मेसी के कार्यक्रम को सिर्फ निजी स्वार्थ के लिए डीले कर दिया गया. सरकारी जमीन पर कब्जा करके मेसी का स्टैचू लगाया गया जो कि पश्चिम बंगाल के एक कार्टून कैरेक्टर नॉन्टे फोंटे के जैसा दिखता है। उनके ऊपर प्राथमिकी बहुत पहले दर्ज होनी चाहिए थी। लेकिन जिस प्रकार सभी प्रकार के दुर्नीति और भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार एक्शन ले रही है इस घटना को भी संज्ञान में लेकर करवाई पुलिस की ओर से की गई है।
मंत्री ने पूर्व में हुए विभिन्न घटनाक्रमों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में लंबे समय तक हिंसक राजनीति का माहौल बनाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष विकास के मुद्दों से ध्यान हटाकर केवल राजनीतिक टकराव को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहा है।
अभिषेक बनर्जी पर कथित हमले की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए अग्निमित्रा पाल ने कहा कि उनकी सरकार किसी भी प्रकार की हिंसा का समर्थन नहीं करती। उन्होंने दावा किया कि पूर्व में विपक्षी नेताओं पर भी हमले हुए थे, लेकिन उस समय उचित कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं है और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
अपने संबोधन के अंत में मंत्री ने प्रधानमंत्री की सबका साथ, सबका विकास की नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल के विकास के लिए सभी राजनीतिक दलों को मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि विकास कार्यों में बाधा डाली गई तो राज्य की जनता उसका जवाब देगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

