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मंत्री अग्निमित्रा पाल ने तृणमूल पर साधा निशाना

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मंत्री अग्निमित्रा पाल ने तृणमूल पर साधा निशाना


कोलकाता, 02 अगस्त (हि. स.)। पश्चिम बंगाल की महिला एवं शिशु विकास तथा शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पाल ने रविवार को सिलीगुड़ी दौरे के दौरान एक कार्यक्रम से पहले पत्रकारों से बातचीत करते हुए राज्य सरकार की प्राथमिकताओं, सड़क मरम्मत, आतंकवाद, अवैध घुसपैठ, तस्लीमा नसरीन की वापसी, छात्र आंदोलन, सिंडिकेट और अवैध वसूली समेत कई अहम मुद्दों पर विस्तार से अपनी बात रखी।

अग्निमित्रा पाल ने कहा कि राज्य सरकार क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि जिन सड़कों की हालत सबसे अधिक खराब है, वहां चरणबद्ध तरीके से काम कराया जाएगा। फिलहाल दो लेयर का काम कराया जाएगा और बारिश समाप्त होने के बाद अंतिम बिटुमिनस (बिटुमेन) लेयर बिछाई जाएगी ताकि सड़कें लंबे समय तक टिकाऊ रहें।

उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार और तत्कालीन नगर निकायों के जनप्रतिनिधियों ने रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया, जिसका खामियाजा अब लोगों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जहां सड़क, नाली, जल निकासी और स्ट्रीट लाइट जैसी समस्याएं हैं, वहां सरकार तेजी से काम कराएगी। पुराने ठेकेदारों को भुगतान कार्य की गुणवत्ता जांचने के बाद ही किया जाएगा और जहां गड़बड़ी मिलने पर जांच होगी।

एसटीएफ द्वारा गिरफ्तार आतंकियों और कथित साजिश के सवाल पर मंत्री ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पर हमला, उनके बेटे के अपहरण अथवा जंतर-मंतर में किसी प्रकार की साजिश की योजना बनाई गई थी तो यह अत्यंत गंभीर और चिंताजनक मामला है।

उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में पिछले 15 वर्षों में वोट बैंक की राजनीति के कारण आतंकवाद और अवैध घुसपैठ को बढ़ावा मिला। उनके अनुसार रोहिंग्या जैसे अवैध घुसपैठियों को दस्तावेज उपलब्ध कराए गए, जबकि उत्पीड़ित अल्पसंख्यक समुदायों को नागरिकता देने के लिए केंद्र सरकार ने सीएए के माध्यम से प्रक्रिया शुरू की है।

अग्निमित्रा पाल ने कहा कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी जनता के बीच लगातार रहते हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा और अधिक मजबूत की जानी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि मुख्यमंत्री बुलेटप्रूफ वाहन, बुलेटप्रूफ जैकेट और जैमर जैसी सुरक्षा व्यवस्था का उपयोग करें।

छात्र आंदोलन को लेकर मंत्री ने कहा कि सरकार छात्रों के साथ है, लेकिन यदि छात्र आंदोलन की आड़ में आतंकवादी और देश विरोधी ताकतें घुसपैठ कर देश को अस्थिर करने की कोशिश करेंगी तो इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

उन्होंने सवाल उठाया कि यदि आंदोलन छात्रों की मांगों का है तो उसमें कश्मीर को आजाद करो या धारा 370 वापस लाओ जैसे नारे क्यों लगाए जा रहे हैं। उनके अनुसार इससे स्पष्ट होता है कि कुछ बाहरी और देश विरोधी ताकतें ऐसे आंदोलनों को प्रभावित करने की कोशिश कर रही हैं।

बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन की वापसी और उन्हें लेकर हुए विरोध पर अग्निमित्रा ने कहा कि भारत में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकार है। उन्होंने कहा कि भारत की परंपरा अतिथि देवो भवः की है और तस्लीमा नसरीन का स्वागत किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि तस्लीमा नसरीन ने हमेशा महिलाओं पर अत्याचार और सामाजिक अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई है और अपने विचारों से कभी पीछे नहीं हटीं। इसलिए किसी भी प्रकार की धमकी या विरोध से सरकार पीछे हटेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी भी स्पष्ट कर चुके हैं कि तस्लीमा नसरीन जितने दिन चाहें, पश्चिम बंगाल में रह सकती हैं और उन्हें पूरी सुरक्षा दी जाएगी।

मंत्री ने कहा कि घर, अपार्टमेंट या भवन निर्माण करने वाले लोग सड़क पर बालू, पत्थर, सीमेंट या अन्य सामग्री रखकर आम लोगों को परेशानी में नहीं डाल सकते।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने इसके लिए चार टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं ताकि आम लोग शिकायत दर्ज करा सकें।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा