भ्रष्टाचार पर नियंत्रण कर सार्वजनिक संस्थानों को सशक्त करने का हो रहा प्रयास : अग्निमित्रा पाल
पश्चिम बर्दवान, 04 सितंबर (हि.स.)।
शहरी विकास मंत्री अग्निमित्र पाल ने कहां है कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपना कर सार्वजनिक संस्थाओं को मजबूत करने का प्रयास कर रही है। शुक्रवार को उन्होंने आसनसोल में कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। इस दौरान पत्रकारों से रूबरू हुयीं शहरी विकास मंत्री ने कहा कि कोयला चोरी और भ्रष्टाचार जैसी गतिविधियों के कारण सरकारी संस्थानों को लंबे समय तक नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और चोरी के खिलाफ कार्रवाई कर सरकारी राजस्व बढ़ाने तथा सार्वजनिक संस्थानों की स्थिति को मजबूत करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
अग्निमित्रा पॉल ने अभिषेक बनर्जी की विदेश यात्रा को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि अभिषेक बनर्जी के साथ कुछ सरकारी अधिकारी भी विदेश गए हैं और ऐसे मामलों में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं और सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों के विकास के दावे किए जाते हैं, तो इलाज के लिए विदेश जाने की आवश्यकता क्यों पड़ती है?
विस्थापन और पुनर्वास के मुद्दे पर मंत्री ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को उसकी इच्छा के विरुद्ध जबरन विस्थापित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गांवों और ग्रामीण परिवेश में रहने वाले लोगों की जीवनशैली तथा उनकी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पुनर्वास की योजनाएं तैयार की जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर विस्थापित परिवारों के लिए बनाए गए फ्लैट छोटे हैं और उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप नहीं हैं।
अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि इस विषय से मुख्यमंत्री को भी अवगत कराया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि लोगों की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाएगा और पुनर्वास से जुड़े मामलों में उनकी आवश्यकताओं का ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को सभी महत्वपूर्ण विषयों पर नजर रखनी चाहिए और किसी भी स्तर पर तथ्यों को छिपाने का प्रयास नहीं होना चाहिए।
डेंगू के मामलों को लेकर मंत्री ने कहा कि बीमारी से संबंधित सही जानकारी दर्ज होना जरूरी है, ताकि इसके खिलाफ प्रभावी रणनीति तैयार की जा सके। उन्होंने कहा कि डेंगू के मरीजों की सही पहचान और रिपोर्टिंग से बीमारी की वास्तविक स्थिति सामने आएगी और उसके अनुसार रोकथाम के उपाय किए जा सकेंगे।
इसके अलावा एक आपराधिक मामले की जांच और गिरफ्तारी को लेकर भी अग्निमित्रा पॉल ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी मामले में कुछ लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, तो जांच निष्पक्ष होनी चाहिए और घटना से जुड़े सभी जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच की जानी चाहिए। उन्होंने मामले में कुछ अन्य व्यक्तियों की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए व्यापक और निष्पक्ष जांच की मांग की।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

