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तृणमूल कांग्रेस के भीतर बढ़ रहा असंतोष

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तृणमूल कांग्रेस के भीतर बढ़ रहा असंतोष


कोलकाता, 10 मई (हि. स.)। वर्ष 2026 के विधानसभा चुनाव में बंगाल में करारी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस के अंदर अब असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। पार्टी के निचले स्तर के कई नेता लगातार नेतृत्व के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं और बगावती सुर तेज होते जा रहे हैं। रविवार को भी यह सिलसिला जारी रहा।

कोलकाता नगर निगम के 24 नंबर वार्ड की पार्षद इलोरा साहा ने नाराजगी जताते हुए कहा कि 40 वर्षों की राजनीतिक परंपरा होने के बावजूद चुनाव में उनके क्षेत्र को कोई महत्व नहीं दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार पार्टी नेतृत्व को स्थिति से अवगत कराने के बावजूद कोई फायदा नहीं हुआ।

वहीं, 48 नंबर वार्ड के पार्षद विश्वरूप डे ने चुनावी हार के लिए नगर निगम की कमजोर सेवाओं और खराब आधारभूत ढांचे को जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना था कि निगम का ढांचा कमजोर होने के कारण जलनिकासी समेत कई जरूरी सेवाएं लोगों तक सही तरीके से नहीं पहुंच सकीं, जिसका असर सीधे चुनाव परिणामों पर पड़ा।

उत्तर कोलकाता के एक अन्य पार्षद ने भी पार्टी नेतृत्व के प्रति नाराजगी जाहिर की। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि रातोंरात पार्टी बदलने वाले कुछ गुंडों ने उन पर हमला किया, जिससे उनके कान में गंभीर चोट आई, लेकिन पार्टी नेतृत्व की ओर से किसी ने फोन कर हालचाल तक नहीं पूछा।

दूसरी तरफ पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष के बीच अनुशासन समिति ने पांच नेताओं और प्रवक्ताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। 24 घंटे के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर ऋजु दत्ता समेत तीन नेताओं को निलंबित करने का फैसला लिया गया।

उल्लेखनीय है कि चुनावी हार के बाद एक तरफ भाजपा की जीत का उत्साह है तो दूसरी ओर तृणमूल के भीतर बढ़ते असंतोष और बगावती स्वरों ने पार्टी नेतृत्व की चिंता बढ़ा दी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा