बंगाल के हर थाने में शुरू होगा 24×7 साइबर हेल्प डेस्क, जगह-जगह लगाये जाएंगे जागरूकता शिविर
आसनसोल, 16 जुलाई (हि.स.)। साइबर अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाने और पीड़ितों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पश्चिम बंगाल पुलिस ने राज्य के सभी पुलिस थानों में 24×7 साइबर हेल्प डेस्क शुरू करने की पहल की है।
इसी क्रम में गुरुवार को आसनसोल पोलो ग्राउंड में आयोजित रथ यात्रा मेले में आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट की ओर से एक विशेष साइबर जागरूकता शिविर लगाया गया। पुलिस के आला अधिकारियों ने शिविर का उद्घाटन किया और मेले में आने वाले हजारों श्रद्धालुओं को साइबर सुरक्षा संबंधी जानकारी दी। इस दौरान लोगों के बीच जागरूकता संबंधी पंपलेट वितरित किए गए तथा ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, बैंकिंग फ्रॉड, यूपीआई धोखाधड़ी, सोशल मीडिया हैकिंग और अन्य साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताए गए।
पश्चिम बंगाल पुलिस के अनुसार, प्रत्येक पुलिस थाने में स्थापित साइबर हेल्प डेस्क सप्ताह के सातों दिन, चौबीसों घंटे कार्य करेगा। यहां साइबर ठगी, ऑनलाइन धोखाधड़ी, सोशल मीडिया अपराध, ऑनलाइन उत्पीड़न और अन्य साइबर अपराधों से संबंधित शिकायतें दर्ज की जाएंगी। साथ ही पीड़ितों को आवश्यक कानूनी और तकनीकी सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।
पुलिस ने बताया कि साइबर अपराध के मामलों में गोल्डन आवर सबसे महत्वपूर्ण होता है। घटना के तुरंत बाद शिकायत दर्ज कराने पर ठगी गई राशि को फ्रीज कराने और आरोपियों तक पहुंचने की संभावना काफी बढ़ जाती है। इसलिए लोगों से अपील की गई है कि साइबर अपराध का शिकार होने पर बिना किसी देरी के शिकायत दर्ज कराएं।
साइबर हेल्प डेस्क की प्रमुख जिम्मेदारियों में शिकायतों का तत्काल पंजीकरण, डिजिटल साक्ष्यों का सुरक्षित संरक्षण, जिला साइबर सेल एवं साइबर पुलिस स्टेशन के साथ समन्वय स्थापित करना, पीड़ितों को उचित परामर्श देना तथा महिलाओं और बच्चों से जुड़े ऑनलाइन अपराधों में संवेदनशील तरीके से सहायता उपलब्ध कराना शामिल है। इसके अलावा आम नागरिकों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए समय-समय पर विशेष अभियान भी चलाए जाएंगे।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि वे किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी, बैंकिंग फ्रॉड, यूपीआई धोखाधड़ी, फर्जी लिंक, सोशल मीडिया हैकिंग या किसी अन्य साइबर अपराध का शिकार होते हैं, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।
हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

