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15 दिनों में काम पर नहीं लौटे पंचायत प्रधान तो बैठाया जाएगा प्रशासक : दिलीप घोष

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15 दिनों में काम पर नहीं लौटे पंचायत प्रधान तो बैठाया जाएगा प्रशासक : दिलीप घोष


कूचबिहार, 20 सितंबर (हि. स.)। ग्राम पंचायतों में विकास कार्य प्रभावित होने को लेकर राज्य के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री दिलीप घोष ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने चेतावनी दी कि 15 दिनों के भीतर यदि ग्राम पंचायतों के प्रधान काम पर वापस नहीं लौटते हैं, तो संबंधित पंचायतों में प्रशासक नियुक्त किया जाएगा।

रविवार को कूचबिहार के रवींद्र भवन में कूचबिहार और अलीपुरद्वार जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ ग्रामीण विकास कार्यों की प्रगति को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई। बैठक में मंत्री दिलीप घोष के अलावा महिला एवं बाल विकास मंत्री मालती रावा राय, अलीपुरद्वार के सांसद मनोज तिग्गा, राज्य मंत्री विशाल लामा समेत दोनों जिलों के कई विधायक और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में दोनों जिलों में चल रही विभिन्न ग्रामीण विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।

बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में दिलीप घोष ने बताया कि विकास कार्यों को लेकर चर्चा सकारात्मक रही, लेकिन कुछ ग्राम पंचायतों में राजनीतिक कारणों से काम प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ पंचायतों में प्रधानों ने इस्तीफा दे दिया है, जबकि कुछ जगहों पर प्रधान नियमित रूप से पंचायत कार्यालय नहीं पहुंच रहे है। इससे आम लोगों से जुड़े कामों को पूरा करने में प्रशासनिक अधिकारियों को परेशानी हो रही है।

दिलीप घोष ने स्पष्ट किया कि स्थिति में सुधार के लिए पंचायत प्रधानों को 15 दिनों के भीतर काम पर लौटना होगा। ऐसा नहीं होने पर संबंधित पंचायतों में प्रशासनिक व्यवस्था लागू करने की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही स्थानीय विधायकों को भी अपने स्तर पर बातचीत के जरिए समस्याओं का जल्द समाधान करने का निर्देश दिया गया है।

हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार