home page

आसाम में आदिवासियों पर अत्याचार के खिलाफ आदिवासी समुदाय ने निकाली रैली, राष्ट्रपति को चिट्ठी

 | 
आसाम में आदिवासियों पर अत्याचार के खिलाफ आदिवासी समुदाय ने निकाली रैली, राष्ट्रपति को चिट्ठी


आसनसोल, 05 फ़रवरी (हि. स.)। आसनसोल में ऑल इंडिया आदिवासी कोऑर्डिनेशन कमिटी की बैनर तले गुरुवार को आसनसोल के आदिवासी समुदाय के लोगों ने असम में जातिगत दंगा को नियंत्रित करने तथा पीड़ितों को क्षतिपूर्ति दिलाने की मांग को लेकर जिलाधिकारी के जरिए राष्ट्रपति के नाम चिट्ठी दिया। आसनसोल के बीएनआर स्थित रविंद्र भवन के पास से रैली निकाली गई।

बताया गया कि आदिवासी समुदाय के लोग पारंपरिक हथियारों के साथ भगत सिंह मोड होते हुए केएसटीपी स्थित डीएम कार्यालय पहुंचे। यहां पथसभा करने के बाद आदिवासी समुदाय के प्रतिनिधिमंडल ने डीएम कार्यालय में जाकर राष्ट्रपति के नाम चिट्ठी दिया। मौके पर आदिवासी कोऑर्डिनेशन कमेटी के सचिव मोतीलाल सोरेन, प्रेसिडेंट जनार्दन कोरा, सह सचिव राजेश कोल, नीलू ओरांग, भरत खरवार, वेद प्रकाश गोंड सहित तमाम कोरा, संथाल ओरंग, खरवार समाज के लोग मौजूद थे।

इस मौके पर आदिवासी समाज के नेता मोतीलाल सोरेन ने बताया कि 19 जनवरी को असम में आदिवासियों पर अत्याचार से जो घटनाक्रम शुरू हुआ था वह अभी भी जारी है। आदिवासियों को वहां पर बाहरी कहा जा रहा है और उन पर अत्याचार किया जा रहा है। इसके खिलाफ जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम चिट्ठी दिया जा रहा है। जिससे कि असम में आदिवासियों पर हो रहे अत्याचार को रोका जा सके।

उन्होंने कहा कि आदिवासी इस देश के मूल निवासी हैं। लेकिन जिस तरह से असम में आदिवासियों पर अत्याचार हो रहा है वह बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। इस देश का नागरिक कहीं भी रह सकता है और उसे पर बाहरी नहीं कहा जा सकता।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा