अधीर रंजन चौधरी ने केंद्र और राज्य सरकार पर साधा निशाना
कोलकाता, 26 सितंबर (हि.स.)।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान केंद्र की भाजपा सरकार, निर्वाचन आयोग से जुड़े विवाद, एसआईआर, पश्चिम बंगाल की राजनीतिक स्थिति और विपक्षी गठबंधन को लेकर कई सवाल उठाए।
एनडीए के घटक दलों के रुख को लेकर अधीर रंजन चौधरी ने सवाल उठाया कि क्या चिराग पासवान और चंद्रबाबू नायडू जैसे सहयोगी दल अब भाजपा से दूरी बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने इस बात का भी उल्लेख किया कि निर्वाचन आयोग से जुड़े मौजूदा विवाद की जिम्मेदारी एनडीए के सहयोगी दलों की ओर से लेने से इनकार किया जा रहा है। इस पूरे घटनाक्रम को उन्होंने मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों के संदर्भ में महत्वपूर्ण बताया।
एसआईआर को लेकर अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि मतदाता सूची में नाम हटना और नागरिकता समाप्त होना एक ही बात नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि एसआईआर में नाम हटने का मतलब नागरिकता खत्म होना नहीं है, तो फिर मतदाता सूची से नाम हटने के कारण लोगों के सरकारी योजनाओं से जुड़े नाम क्यों प्रभावित हो रहे हैं। इस मुद्दे पर कांग्रेस लगातार निर्वाचन प्रक्रिया और मतदाता सूची में नामों को लेकर सवाल उठा रही है। पश्चिम बंगाल में एसआईआर के बाद बड़ी संख्या में नामों को लेकर विवाद सामने आया है और विपक्षी दल वैध मतदाताओं के नाम वापस जोड़ने की मांग कर रहे हैं।
निर्वाचन आयोग के मौजूदा विवाद को लेकर भी चौधरी ने विपक्ष की चिंताओं का जिक्र किया। कांग्रेस की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सवाल उठाए जा रहे हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, चौधरी ने पहले भी कहा है कि ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति के समय तत्कालीन लोकसभा में विपक्ष के नेवता के तौर पर उन्होंने आपत्ति दर्ज कराई थी। अब विपक्षी दल उनकी भूमिका और निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और माकपा के वरिष्ठ नेता एमए बेबी के बीच फोन पर हुई बातचीत को लेकर भी अधीर रंजन चौधरी ने राजनीतिक परिस्थितियों पर सवाल खड़े किए। उन्होंने इस घटनाक्रम को विपक्षी राजनीति और इंडिया गठबंधन के भविष्य से जोड़कर देखा। ममता बनर्जी की ओर से विपक्षी दलों के साथ संपर्क बढ़ाने की कोशिशों का बंगाल की राजनीति पर क्या असर पड़ेगा, यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
दुर्गापूजा के दौरान पूजा पंडालों में मुख्यमंत्री की तस्वीर लगाए जाने को लेकर भाजपा नेता दिलीप घोष के बयान पर भी अधीर रंजन चौधरी ने सवाल उठाया। दिलीप घोष ने दावा किया है कि सरकार की ओर से पूजा पंडालों में मुख्यमंत्री की तस्वीर लगाने का कोई आधिकारिक निर्देश नहीं दिया गया है। इस पर चौधरी ने सवाल किया कि आखिर ऐसी सफाई देने की जरूरत क्यों पड़ रही है और इस तरह की बातों को लेकर विवाद की स्थिति कैसे बन रही है।
राज्य में लंबित नगर निकाय चुनावों को लेकर भी अधीर रंजन चौधरी ने सरकार की गतिविधियों पर सवाल उठाया। हाल में नवान्न में मुख्यमंत्री और पश्चिम बर्दवान तथा उत्तर 24 परगना के विधायकों के साथ हुई बैठकों के बाद नगर निकाय चुनाव को लेकर चर्चा तेज हुई है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या राज्य सरकार अब बाकी नगरपालिकाओं में भी चुनाव कराने की तैयारी कर रही है।
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की ओर से दिल्ली से देर रात की गई पत्रकार वार्ता का भी उन्होंने उल्लेख किया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसके संभावित प्रभाव को लेकर उन्होंने सवाल उठाए और कहा कि बांग्लादेश की राजनीतिक घटनाओं का असर भारत, विशेषकर पश्चिम बंगाल की राजनीति पर भी पड़ सकता है।
हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

