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बहरमपुर के धोपघाटी इलाके में ट्यूबवेल हटाए जाने का आरोप

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बहरमपुर के धोपघाटी इलाके में ट्यूबवेल हटाए जाने का आरोप


मुर्शिदाबाद, 01 मई (हि. स.)। जिले के बहरमपुर में विधानसभा चुनाव के बाद सियासत अब पेयजल संकट को लेकर गरमा गई है। धोपघाटी इलाके में एकमात्र ट्यूबवेल को हटाए जाने का आरोप सामने आया है, जिसके कारण भीषण गर्मी में सैकड़ों लोग पानी की समस्या से जूझ रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि चुनाव खत्म होते ही ट्यूबवेल उखाड़ लिया गया, जिससे लगभग 60-70 परिवारों के सामने पीने के पानी का संकट खड़ा हो गया है।

इस मामले की जानकारी मिलने पर कांग्रेस उम्मीदवार अधीर रंजन चौधरी शुक्रवार को धोपघाटी पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। उन्होंने इसे अमानवीय बताते हुए बहरमपुर नगरपालिका को चेतावनी दी कि अगर 24 घंटे के भीतर ट्यूबवेल दोबारा नहीं लगाया गया तो वह शनिवार से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे। उन्होंने कहा कि वर्षों से चल रहा ट्यूबवेल अचानक चुनाव खत्म होते ही हटा दिया गया, जो संदेह पैदा करता है।

गौरतलब है कि 23 अप्रैल को मतदान के दिन कुंजघाटा इलाके में भी तनाव की स्थिति बनी थी, जहां अधिर रंजन चौधरी के स्वागत को लेकर एक परिवार के साथ कथित तौर पर मारपीट का आरोप तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर लगा था। उसी घटना के बाद अब पानी की समस्या को लेकर भी सियासी आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि चुनाव से पहले इलाके में कुछ नए नल लगाए गए थे, लेकिन उनमें से निकलने वाला पानी पीने योग्य नहीं है। इसी वजह से लोग एकमात्र ट्यूबवेल पर निर्भर थे। उनका आरोप है कि ट्यूबवेल हटाने का विरोध करने पर आश्वासन दिया गया था कि जल्द नया ट्यूबवेल लगाया जाएगा, लेकिन पांच दिन बीतने के बाद भी कोई व्यवस्था नहीं की गई।

वहीं, तृणमूल कांग्रेस की ओर से इन आरोपों को सिरे से खारिज किया गया है। पार्टी के स्थानीय युवा नेता पापाई घोष ने कहा कि चुनाव में संभावित हार को देखते हुए अधीर रंजन चौधरी इस मुद्दे को राजनीतिक रंग दे रहे हैं।

उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस नेता पहले कभी इस इलाके में नहीं आए और अब केवल दिखावे के लिए वहां पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि चार मई को नतीजे आने के बाद अधीर चौधरी बहरमपुर छोड़ देंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा