अवैध तरीके से हासिल रक्त बेचने का आरोप, एसीबी के हत्थे चढ़ा शाहबुद्दीन मल्लिक
कोलकाता, 17 अगस्त (हि. स.)। पश्चिम बंगाल में अवैध रक्त कारोबार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए राज्य पुलिस की भ्रष्टाचार-निरोध शाखा (एसीबी) ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। एसीबी की ओर से जारी बयान के अनुसार, जांच एजेंसी ने शाहबुद्दीन मल्लिक नामक एक कथित दलाल को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि वह पांशकुड़ा ब्लड बैंक से अवैध तरीके से हासिल किए गए रक्त को बेचने के काम में शामिल था।
एसीबी के अनुसार, शाहबुद्दीन मल्लिक अवैध तरीके से प्राप्त रक्त की बिक्री में बिचौलिए की भूमिका निभा रहा था। कार्रवाई के बाद जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे मामले में ब्लड बैंक के किसी कर्मचारी की भूमिका थी या नहीं। एसीबी ने स्पष्ट किया है कि ब्लड बैंक के कर्मचारियों की संभावित संलिप्तता का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब पश्चिम बंगाल में ब्लड बैंकों में अनियमितताओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग पहले से ही सख्त कार्रवाई कर रहा है। हाल के दिनों में राज्य के कई निजी ब्लड बैंकों के खिलाफ जांच और छापेमारी की गई है। आरोपों में बिना अनुमति रक्तदान शिविर आयोजित करना, रक्त संग्रह में अनियमितता और रक्त तथा प्लाज्मा को कथित तौर पर दूसरे राज्यों में ऊंची कीमत पर भेजना शामिल है।
स्वास्थ्य विभाग ने एक अगस्त से राज्य के 11 ब्लड बैंकों को अगले आदेश तक रक्तदान शिविर आयोजित करने से रोक दिया है। इन संस्थानों के खिलाफ गंभीर अनियमितताओं की जांच चल रही है। विभाग ने बड़े पैमाने पर रक्त किसी दूसरे स्थान पर भेजने से पहले अनुमति लेने का निर्देश भी दिया है।
इससे पहले स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कोलकाता और विभिन्न जिलों में कई निजी ब्लड बैंकों और उनसे जुड़े ठिकानों पर जांच अभियान चलाया था। इस दौरान दस्तावेजों और रक्त संग्रह तथा वितरण से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच की गई। कुछ मामलों में रक्त और प्लाज्मा को दूसरे राज्यों में भेजे जाने के आरोप सामने आए हैं।
पांशकुड़ा मामले में एसीबी की ताजा कार्रवाई ने जांच का दायरा और बढ़ा दिया है। अब जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शाहबुद्दीन मल्लिक को रक्त कहां से मिलता था, उसे किन लोगों तक पहुंचाया जाता था और इस पूरी प्रक्रिया में ब्लड बैंक के कर्मचारियों या अन्य लोगों की कोई भूमिका थी या नहीं।
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

