सिलीगुड़ी कॉलेज में एसएफआई समर्थकों से मारपीट का आरोप एबीवीपी पर
सिलीगुड़ी, 09 सितंबर (हि. स.)। सिलीगुड़ी कॉलेज परिसर में बुधवार दोपहर स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) समर्थकों के साथ कथित मारपीट की घटना को लेकर तनाव पैदा हो गया। एसएफआई ने आरोप लगाया कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के सदस्य कॉलेज परिसर में घुसकर उसके कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की है।
एसएफआई सदस्य का आरोप है कि वे संगठन से जुड़े होने के कारण अचानक हमले का शिकार हुए है। एक छात्रा ने आरोप लगाया कि हमलावरों में कुछ बाहरी लोग भी शामिल थे। एसएफआई का दावा है कि घटना के समय पुलिस और कॉलेज के कुछ शिक्षक मौके पर मौजूद थे, लेकिन किसी ने कथित हमले को रोकने के लिए हस्तक्षेप नहीं किया।
घटना से जुड़े बताए जा रहे कई वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें कुछ युवक एसएफआई के खिलाफ नारे लगाते हुए कॉलेज परिसर में प्रदर्शन करते दिखाई दे रहे हैं। छात्र-छात्राओं का आरोप है कि उन्होंने प्राचार्य और अन्य शिक्षकों से मदद की गुहार लगाई, लेकिन उन्हें तत्काल सहायता नहीं मिली है।
बताया गया है कि बुधवार को एबीवीपी समर्थकों ने कॉलेज परिसर में प्रवेश कर नारेबाजी की।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले राज्य के पर्यटन मंत्री और कॉलेज की संचालन कमेटी के अध्यक्ष शंकर घोष ने कॉलेज परिसर में राजनीतिक नारेबाजी नहीं करने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद बुधवार को राजनीतिक नारेबाजी होने से कॉलेज प्रबंधन की व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।
वहीं, एबीवीपी ने एसएफआई समर्थकों पर हमले के आरोपों को खारिज किया है। संगठन की ओर से कहा गया कि कॉलेज परिसर में जो कुछ हुआ, उसमें एबीवीपी की कोई भूमिका नहीं है। एबीवीपी का दावा है कि आम छात्र-छात्राओं ने अपनी ओर से विरोध और नारेबाजी की है।
खबर लिखे जाने तक इस मामले पर पुलिस और कॉलेज प्रबंधन की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली थी।
हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार

