चांचल कॉलेज में लहराया गया एबीवीपी का ध्वज, किया ‘शुद्धिकरण’
मालदा, 11 मई (हि.स.)। मालदा जिले के चांचल कॉलेज में सोमवार सुबह एक अभूतपूर्व घटना देखने को मिली, जब अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने राज्य में सरकार बदलने के बाद पहली बार कॉलेज परिसर में अपना झंडा फहराया। हालांकि, इस कार्यक्रम से ज्यादा चर्चा उस घटना को लेकर हो रही है जिसमें आरोप है कि झंडा फहराने से पहले गंगाजल से परिसर का ‘शुद्धिकरण’ किया गया।
सुबह एबीवीपी के नेतृत्व में तरलतला मोड़ से सैकड़ों छात्रों के साथ एक विशाल रैली निकाली गई, जो कॉलेज गेट तक पहुंची। वहां नारेबाजी और उत्साह के बीच संगठन का झंडा फहराया गया।
एबीवीपी नेताओं का दावा है कि पिछले कुछ वर्षों से कॉलेज में “भ्रष्टाचार और अराजकता” का माहौल था, जिसे खत्म करने के लिए यह कदम उठाया गया।
झंडा फहराने के बाद संगठन ने तृणमूल छात्र परिषद (टीएमसीपी) पर निशाना साधा और पूर्व में हुई कथित घटनाओं तथा भ्रष्टाचार के मुद्दे उठाए।
इसके बाद एबीवीपी के प्रतिनिधिमंडल ने कॉलेज के प्राचार्य डॉ. उत्तम पाल से मुलाकात की और दो प्रमुख मांगें रखी— बिना आईडी कार्ड के बाहरी लोगों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाए और कॉलेज को भयमुक्त व भ्रष्टाचार मुक्त वातावरण बनाया जाए।प्राचार्य ने संगठन की मांगों को स्वीकार करते हुए सकारात्मक सहयोग का आश्वासन दिया और कहा कि कॉलेज के शैक्षणिक माहौल को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन हर संभव कदम उठाएगा।
इस कार्यक्रम में एबीवीपी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य रूपचंद शील, उत्तर मालदा जिला नेता सुजीत मंडल और नगर अध्यक्ष प्रसून चौधरी सहित कई कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे।
राज्य में हालिया राजनीतिक बदलाव के बाद उत्तर बंगाल के कॉलेजों में एबीवीपी की बढ़ती सक्रियता को छात्र राजनीति में नए समीकरण के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार

