अभिषेक बनर्जी ने भाजपा पर लगाया समाज में विभाजन फैलाने का आरोप
कोलकाता, 30 मार्च (हि. स.)। तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर धर्म और जाति के नाम पर समाज में विभाजन पैदा करने का आरोप लगाया और कहा कि पार्टी विकास के मुद्दों पर बात नहीं करती।
पुरुलिया जिले के झालदा में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने के भाजपा नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि पुरुलिया के भाजपा सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो और झालदा, पुरुलिया, काशीपुर तथा पारा (अनुसूचित जाति) विधानसभा क्षेत्रों के भाजपा विधायकों को जनता को यह बताना चाहिए कि उन्होंने अपने क्षेत्रों के विकास के लिए क्या किया है।
उन्होंने कहा कि अगर कोई बता सकता है कि इतने वर्षों में उन्होंने क्या काम किया है, तो सामने आए। भाजपा केवल झूठ बोलती है और हिंदू-मुस्लिम के बीच दरार पैदा करने की कोशिश करती है।
राज्य सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार ने कुर्माली भाषा को छठी अनुसूची में शामिल करने की सिफारिश की और क्षेत्रीय संस्कृति व पहचान की रक्षा के लिए काम किया है।
उन्होंने यह भी कहा कि राजबंशी भाषा को मान्यता दिलाने के लिए भी प्रयास किए गए हैं और तृणमूल कांग्रेस ने हमेशा स्थानीय समुदायों के हितों के लिए संघर्ष किया है।
अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा नेता आदिवासी क्षेत्रों के समग्र विकास के बजाय अपने परिवारों को बढ़ावा देने में अधिक रुचि रखते हैं।उन्होंने केंद्र की भारत सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार को “दिखावटी और जनविरोधी” बताते हुए रसोई गैस की कीमतों में बढ़ोतरी जैसे मुद्दों पर सवाल उठाए।
उन्होंने दावा किया कि चुनाव के बाद एलपीजी सिलेंडर की कीमत दो हजार रुपये तक बढ़ सकती है। साथ ही उन्होंने नोटबंदी और अन्य नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि इससे आम लोगों को काफी परेशानी हुई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय

