अभिषेक बनर्जी के 'सेवाश्रय' शिविर मामले में बड़ी कार्रवाई, क्लिनिक का लाइसेंस रद्द
पश्चिम बर्दवान, 31 जुलाई (हि. स.)। अभिषेक बनर्जी के 'सेवाश्रय' शिविर में इस्तेमाल किए जाने के आरोप में पहले ही एक अल्ट्रासोनोग्राफी (यूएसजी) मशीन जब्त की जा चुकी थी। अब नियमों का उल्लंघन कर यूएसजी मशीन स्थानांतरित करने के आरोप में दक्षिण 24 परगना के नोदाखाली स्थित संबंधित क्लिनिक का लाइसेंस राज्य स्वास्थ्य विभाग ने रद्द कर दिया है।
पुलिस के अनुसार, डायमंड हार्बर के कॉपाहाट स्थित एक अस्पताल से यूएसजी मशीन जब्त की गई थी। इसके बाद मशीन को डायमंड हार्बर थाने के मालखाने में रखा गया।
23 जुलाई को जिला स्वास्थ्य अधिकारियों ने नोदाखाली के क्लिनिक का निरीक्षण किया और यूएसजी मशीन से जुड़े दस्तावेज मांगे। आरोप है कि क्लिनिक प्रबंधन कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। जांच में यह भी पाया गया कि यूएसजी कक्ष तो मौजूद था, लेकिन वहां मशीन नहीं थी। इसके बाद क्लिनिक से जवाब मांगा गया।
स्वास्थ्य विभाग की जांच में पता चला कि मशीन को डायमंड हार्बर पुलिस जिले के विष्णुपुर एसडीपीओ ने जब्त किया था। विभाग ने बताया कि मशीन को एक स्थान से दूसरे स्थान ले जाने के लिए जिला प्रशासन से कोई अनुमति नहीं ली गई थी। इसके बाद क्लिनिक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
28 जुलाई को जिला स्वास्थ्य विभाग में इस मामले की सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान क्लिनिक प्रबंधन ने स्वीकार किया कि जिला प्रशासन की अनुमति के बिना ही यूएसजी मशीन को स्थानांतरित किया गया था। इसके बाद कानून के उल्लंघन के आरोप में स्वास्थ्य विभाग ने क्लिनिक का लाइसेंस रद्द कर दिया।
गौरतलब है कि 'सेवाश्रय' शिविरों को लेकर पहले से कई गंभीर आरोप सामने आ चुके हैं। आरोप है कि 'प्री-कन्सेप्शन एंड प्री-नेटल डायग्नोस्टिक टेक्निक (पीसीपीएनडीटी) एक्ट' का उल्लंघन करते हुए विभिन्न अस्पतालों से अल्ट्रासोनोग्राफी मशीनें निकालकर शिविरों में मरीजों की जांच की गई।
इन आरोपों के बाद मामले की जांच शुरू की गई। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भी हाल ही में विधानसभा में 'सेवाश्रय' को लेकर सवाल उठाते हुए दावा किया था कि अल्ट्रासोनोग्राफी और एक्स-रे मशीनों को अस्पतालों से बाहर ले जाया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकारी अस्पतालों के डॉक्टरों और मेडिकल कॉलेज के छात्रों को भी इन शिविरों में चिकित्सा सेवाएं देने के लिए लगाया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

