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शेख माफिक हत्याकांड में 90 दिनों के भीतर आरोपपत्र दाखिल करने की मांग, एसपी कार्यालय पहुंचे अब्दुल हाफिज

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बांकुड़ा, 02 नवंबर (हि. स.)। दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की रैली में शामिल होने के कारण कथित रूप से हुई रंजिश में अब्दुल हाफिज के घर पर हमला कर उनके पिता की पीट-पीटकर हत्या किए जाने के मामले में अब तक आरोपपत्र दाखिल नहीं होने का दावा किया गया है। घटना के करीब ढाई महीने बीतने के बाद सोमवार को अब्दुल हाफिज ने मामले में निर्धारित समय के भीतर आरोपपत्र दाखिल करने और निष्पक्ष न्याय सुनिश्चित करने की मांग को लेकर बांकुड़ा के पुलिस अधीक्षक कार्यालय में ज्ञापन सौंपा।

इस दिन सीजेपी के कई कार्यकर्ताओं को साथ लेकर अब्दुल हाफिज पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर अपनी मांगों से संबंधित लिखित ज्ञापन सौंपा। उन्होंने घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों को उचित सजा दिलाने के साथ-साथ दिवंगत शेख माफिक के नाम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर का विद्यालय स्थापित करने की मांग भी उठाई।

जानकारी के अनुसार, गत 13 अगस्त को बांकुड़ा जिले के इंदास थाना क्षेत्र के करिशुंडा गांव में सीजेपी नेता अब्दुल हाफिज के घर पर कुछ लोगों ने हमला किया था। आरोप है कि हमलावरों ने अब्दुल हाफिज के साथ उनके पिता शेख माफिक की भी पिटाई की थी। इस हमले में शेख माफिक गंभीर रूप से घायल हो गए थे। बाद में 15 अगस्त की रात बर्दवान मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।

इस घटना के बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने आंदोलन शुरू कर दिया था। पार्टी की ओर से हमले में शामिल सभी आरोपितों की गिरफ्तारी और उन्हें कड़ी सजा देने की मांग की गई थी। इसके अलावा दिवंगत शेख माफिक के नाम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर का विद्यालय बनाने सहित कई अन्य मांगें भी उठाई गई थीं।

बताया गया है कि हमले के मामले में इंदास थाने की पुलिस ने लगभग सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। अब सीजेपी की मांग है कि घटना के 90 दिनों के भीतर पुलिस आरोपपत्र दाखिल करे, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। इसी मांग को लेकर सोमवार को अब्दुल हाफिज पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। उनके इस कार्यक्रम को देखते हुए सुबह से ही पुलिस अधीक्षक कार्यालय परिसर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।

सीजेपी नेता अब्दुल हाफिज ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर का विद्यालय स्थापित करने के संबंध में सरकार की ओर से अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने कहा कि हमने इस घटना में किसी तरह का मुआवजा लेने के बजाय एक विद्यालय स्थापित करने की मांग की थी। यदि सरकार ऐसा नहीं कर पाती है तो यह उसकी विफलता है। हालांकि, पांच-दस साल बाद भी विद्यालय जरूर बनेगा। मैं आम लोगों के सहयोग से विद्यालय बनाकर रहूंगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता