home page

चुनाव परिणाम घोषित होते ही भांगड़ में हालात तनावपूर्ण

 | 

कोलकाता, 05 मई (हि. स.)। चुनाव परिणाम घोषित होते ही दक्षिण 24 परगना जिलान्तर्गत भांगड़ में हालात तनावपूर्ण हो गए। नवान्न अभियान के बाद अब इलाके में मारपीट, धमकी और घरों में तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई हैं। इस बार तृणमूल कांग्रेस ने खुद को हमले का शिकार बताया है और आरोप भारतीय जनता पार्टी तथा आईएसएफ के कार्यकर्ताओं पर लगाया है।

तृणमूल का आरोप है कि भांगड़ में जीत हासिल करने के बाद आईएसएफ के नेता और कार्यकर्ताओं ने रातभर कई इलाकों में तांडव मचाया। वोट के बाद हिंसा की घटनाओं से निमकुड़िया गांव में स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई है। महिलाओं और पुरुषों पर हमले के आरोप सामने आए हैं।

स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, कई जगहों पर घरों में घुसकर मारपीट और तोड़फोड़ की गई। एक बुजुर्ग व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

तृणमूल समर्थक फिरोज मोल्ला ने आरोप लगाया कि आईएसएफ की जीत के बाद लगभग पचास लोगों की भीड़ ने उनके परिवार पर हमला किया। उन्होंने बताया कि उनके भाई के सिर पर बंदूक की बट से वार किया गया और उन्हें धारदार हथियार से चोट पहुंचाई गई। उनके पिता की हालत गंभीर है और उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा।

हाकिम अली मोल्ला और उनकी पत्नी आयशा बीबी के साथ भी मारपीट की गई। उनके बेटे फरीद अली मोल्ला और बहू रोजिना बीबी को भी नहीं बख्शा गया। भांगड़ के बेओता इलाके में तृणमूल नेता के घर में तोड़फोड़ का आरोप भाजपा पर लगाया गया है। एक अन्य मामले में ग्राम पंचायत प्रधान के घर के सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए गए और घर में भी नुकसान पहुंचाया गया।

हालांकि, इन सभी आरोपों पर भाजपा और आईएसएफ की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

राज्य में इस बार भारी मतदान के बावजूद परिणाम सत्ता विरोधी रुझान में गया। जहां तृणमूल को उम्मीद थी कि ज्यादा मतदान का फायदा उसे मिलेगा, वहीं परिणाम इसके उलट रहे। 2011 के बदलाव की तरह इस बार भी बड़े पैमाने पर मतदान ने सत्ता परिवर्तन का रास्ता तैयार किया।

पश्चिम बंगाल में भाजपा ने बड़ी जीत हासिल करते हुए 200 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाई है। इसके साथ ही राज्य में डबल इंजन सरकार बनने का रास्ता साफ होता दिख रहा है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा