उत्तर 24 परगना जिले के कई क्षेत्रों में बारिश के कारण फसलों को भारी नुकसान
कोलकाता , 01 मई (हि.स.)।
उत्तर 24 परगना जिला अंतर्गत मिनाखा में पिछले दो दिनों से जारी तेज आंधी और मूसलाधार बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। पके धान की फसल खेतों में ही बर्बाद हो रही है, जिससे किसानों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
मिनाखा के विभिन्न गांवों में किसानों ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि इस बार उन्होंने बड़ी उम्मीद के साथ खेती की थी। कई किसानों ने जमीन लीज पर लेकर धान लगाया था, तो कुछ ने कर्ज लेकर खेती की थी। उनकी योजना थी कि फसल बेचकर वे कर्ज चुका देंगे, लेकिन अचानक आए इस मौसम ने सारी उम्मीदें तोड़ दीं। खेतों में जो धान कटकर पड़ा था, वह बारिश में भीगकर खराब हो गया है और उसमें अंकुर निकलने का खतरा बढ़ गया है। वहीं जो धान अभी खड़ा था, वह तेज हवा के कारण गिरकर पानी में डूब गया है। स्थिति ऐसी हो गई है कि पूरी तरह तैयार फसल भी अब उपयोग के लायक नहीं बची है।
स्थानीय किसानों का कहना है कि अब उनके पास कोई विकल्प नहीं बचा है। आर्थिक हालत तेजी से बिगड़ रही है और आगे की खेती कैसे होगी, यह भी बड़ा सवाल बन गया है। इसलिए किसान सरकार से मुआवजे और तत्काल सहायता की मांग कर रहे हैं, ताकि वे इस संकट से उबर सकें।
इस प्राकृतिक आपदा से स्वप्ना दास, शिबू दास और लक्ष्मी रानी दास जैसे कई किसान प्रभावित हुए हैं। अब सभी की नजरें सरकारी मदद पर टिकी हैं, ताकि नुकसान की भरपाई हो सके और वे फिर से अपने पैरों पर खड़े हो सकें।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

