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तोलाबाजी के आरोप में 22 भाजपा कार्यकर्ता निलंबित; जमुड़िया भाजपा नेता की गिरफ्तारी के बाद सख्त संदेश

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तोलाबाजी के आरोप में 22 भाजपा कार्यकर्ता निलंबित; जमुड़िया भाजपा नेता की गिरफ्तारी के बाद सख्त संदेश


कोलकाता, 05 अगस्त (हि. स.)। पश्चिम बंगाल में कथित तोलाबाजी (जबरन वसूली) और अन्य अनुशासनहीन गतिविधियों के आरोपों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बड़ा संगठनात्मक कदम उठाया है। पार्टी ने आरोपों की जांच के बाद 22 कार्यकर्ताओं को निलंबित कर दिया है। भाजपा का कहना है कि भ्रष्टाचार और तोलाबाजी के मामलों में उसकी जीरो टॉलरेंस नीति है।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, विभिन्न शिकायतों के आधार पर कुल 250 नेताओं और कार्यकर्ताओं को कारण बताओ (शोकॉज) नोटिस जारी किया गया था। इनमें से अब तक 102 मामलों की समीक्षा पूरी की जा चुकी है। जांच के दौरान 80 लोगों के जवाब संतोषजनक पाए गए, जिसके बाद उन्हें नोटिस से राहत दे दी गई। वहीं, 22 कार्यकर्ताओं का जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

इस बीच, पश्चिम बर्दवान के जमुड़िया से भी भाजपा के लिए असहज करने वाला मामला सामने आया। बालू (रेत) से लदे ट्रकों से कथित वसूली के आरोप में भाजपा नेता राकेश माझी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि राकेश माझी का कथित तोलाबाजी करते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया। अदालत ने आरोपित को तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेजने का निर्देश दिया है।

इससे पहले भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने सार्वजनिक रूप से पार्टी के भीतर कथित तोलाबाजी और अन्य अनैतिक गतिविधियों पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने स्पष्ट कहा था कि ऐसी किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को लंबे समय तक बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और पार्टी की नीति इस मामले में जीरो टॉलरेंस की है।

भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने भी कहा था कि तोलाबाजी की संस्कृति को समाप्त करने के लिए सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा था कि ऐसी शिकायतों पर पुलिस को भी आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं और पार्टी पूरे मामले पर लगातार नजर रखे हुए है।

पार्टी सूत्रों का कहना है कि अभी तक केवल 102 मामलों पर फैसला लिया गया है, जबकि 148 नेताओं और कार्यकर्ताओं के मामलों की जांच पार्टी की अनुशासन समिति कर रही है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ भी निलंबन सहित कड़ी संगठनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय