भर्ती प्रक्रिया में तेजी की तैयारी, पीएससी के जरिए 17 हजार 714 पदों पर होगी नियुक्ति
हुगली, 11 अगस्त (हि. स.)। पश्चिम बंगाल में सरकारी भर्ती प्रक्रिया को तेज और अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। 30 जुलाई को मुख्यमंत्री की विभिन्न भर्ती एजेंसियों, जिनमें पश्चिम बंगाल लोक सेवा आयोग (पीएससी) भी शामिल है, के साथ हुई समीक्षा बैठक के बाद लंबित परीक्षाओं और परिणामों को जल्द पूरा करने तथा भर्ती प्रक्रिया में सुधार का निर्णय लिया गया है।
राज्य सरकार की ओर से 11 अगस्त को भर्ती एजेंसियों के साथ आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए जारी किए गए ब्रीफ के अनुसार, नगरपालिका सेवा आयोग और सहकारी सेवा आयोग के माध्यम से वर्तमान में होने वाली कुछ भर्तियों की जिम्मेदारी भी पश्चिम बंगाल लोक सेवा आयोग को सौंपने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। संबंधित विभाग इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी करेंगे।
मुख्यमंत्री ने भर्ती परीक्षाओं के आयोजन और लंबित परिणामों के प्रकाशन में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
54 विभागों से ग्रुप-ए के दो हजार 490 पदों की मांग
वर्तमान में पश्चिम बंगाल लोक सेवा आयोग को राज्य के 54 विभागों से कुल दो हजार 490 रिक्त पदों की मांग प्राप्त हुई है। इनमें न्यायिक अधिकारी, डब्ल्यूबीसीएस (कार्यकारी), पुलिस, ऑडिट एंड अकाउंट्स सर्विस, लीगल सर्विस और सहायक अभियंता सहित विभिन्न ग्रुप-ए पद शामिल हैं।
वहीं, ग्रुप-बी और समान श्रेणी के पदों पर दो हजार 848 रिक्तियां भरी जानी हैं। इसके अलावा ग्रुप-सी यानी लिपिकीय स्तर और समान श्रेणी के पदों पर 12 हजार 376 रिक्तियां भरी जानी हैं। इस प्रकार इन तीनों श्रेणियों में कुल 17 हजार 714 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया प्रस्तावित है।
12.65 लाख अभ्यर्थियों के परिणाम होंगे प्रकाशित
दस्तावेज के अनुसार, विभिन्न चरणों में आयोजित परीक्षाओं में करीब 12.65 लाख अभ्यर्थियों के परिणाम प्रकाशित किए जाने हैं। इनमें स्क्रीनिंग, प्रारंभिक परीक्षा और मुख्य परीक्षा सहित विभिन्न स्तरों की परीक्षाएं शामिल हैं।
पश्चिम बंगाल लोक सेवा आयोग आने वाले समय में विभिन्न विभागों में करीब आठ हजार छह रिक्त पदों के लिए भर्ती विज्ञापन जारी कर सकता है। इससे सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को आवेदन का अवसर मिलेगा।
इन आगामी भर्तियों में राज्य सरकार द्वारा घोषित आयु सीमा में अतिरिक्त छूट का लाभ भी शामिल किया जाएगा। इसके लिए वित्त विभाग के 16 मई 2026 के ज्ञापन का उल्लेख किया गया है।
ब्रीफ में स्पष्ट किया गया है कि पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा सात अगस्त 2026 को प्रकाशित संशोधित ओबीसी आरक्षण के मद्देनजर परीक्षाओं के निर्धारित समय पर आयोजन पर कोई प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है। आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी।
आरक्षित ओबीसी श्रेणियों में पदों को लेकर यदि किसी बदलाव की आवश्यकता हुई तो उसे परिणाम प्रकाशित करते समय शामिल किया जाएगा।
पश्चिम बंगाल लोक सेवा आयोग ने भर्ती प्रक्रिया में व्यापक तकनीकी सुधार की दिशा में भी काम शुरू किया है। इसके तहत सुरक्षित डिजिटल प्रक्रिया को पूरी तरह अपनाने, परीक्षा परिणामों को तेजी से प्रकाशित करने और संबंधित परीक्षाओं के आधार पर उपयुक्त अभ्यर्थियों की अनुशंसा करने की व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।
इसके अलावा संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के मॉडल पर आयोग के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और परीक्षाओं के वार्षिक कैलेंडर का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है।
सरकार और भर्ती एजेंसियों की इन पहलों से लंबित परीक्षाओं और परिणामों के तेजी से निस्तारण के साथ-साथ आने वाले समय में बड़ी संख्या में सरकारी रिक्तियों पर भर्ती का रास्ता साफ होने की उम्मीद है।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय

