तृणमूल के 12 और बैंक खाते फ्रीज, एक हजार करोड़ रुपये से अधिक राशि जांच के दायरे में
कोलकाता, 10 जुलाई (हि. स.)। तृणमूल कांग्रेस के पार्टी फंड से जुड़े बैंक खातों की जांच और तेज हो गई है। कलकत्ता हाई कोर्ट से दैनिक खर्चों के संचालन को लेकर आंशिक राहत मिलने के बावजूद बिधाननगर साइबर थाना ने तृणमूल के 12 और बैंक खातों में लेनदेन पर रोक लगाने का निर्देश विभिन्न सरकारी और निजी बैंकों को दिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पहले और दूसरे चरण में फ्रीज किए गए खातों में कुल मिलाकर एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा है।
यह कार्रवाई तृणमूल विधायक विश्वनाथ दास की ओर से बिधाननगर साइबर थाने में दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर की जा रही जांच के तहत हुई है। इसी शिकायत के बाद पहले तीन बैंक खातों को फ्रीज किया गया था। बाद में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी इन तीन खातों को फ्रीज कर दिया। इसके खिलाफ तृणमूल ने कलकत्ता हाई कोर्ट का रुख किया था। गुरुवार को हाई कोर्ट ने पार्टी के नियमित खर्चों के संचालन के लिए एक विशेष अधिकारी नियुक्त करने का निर्देश दिया था।
पुलिस अब पहले फ्रीज किए गए तीन खातों के लेनदेन से मिले सुरागों के आधार पर अन्य खातों की भी जांच कर रही है। इसी कारण जांच पूरी होने तक इन खातों से किसी भी प्रकार के लेनदेन पर रोक लगाई गई है।
जांच के दौरान बिधाननगर साइबर थाना शिकायतकर्ता विधायक सहित ऋतब्रत गुट के सात से अधिक विधायकों के बयान दर्ज कर चुका है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि उन्हें किन आधारों पर पार्टी के खातों में कथित अवैध लेनदेन की आशंका हुई।
उधर, ईडी की जांच में भी नए तथ्य सामने आए हैं। जांच एजेंसी के सूत्रों के अनुसार, जिन तीन खातों को ईडी ने फ्रीज किया है, उनमें से एक खाते के हस्ताक्षरकर्ता दो वर्तमान सांसद हैं। वहीं, दो अन्य खातों के हस्ताक्षरकर्ता एक पूर्व सांसद और पूर्व मंत्री बताए जा रहे हैं। जांच एजेंसी जल्द ही इन नेताओं को पूछताछ के लिए तलब कर उनके बयान दर्ज कर सकती है।
मामले को लेकर राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। पुलिस और ईडी दोनों ही एजेंसियां बैंक खातों में हुए वित्तीय लेनदेन और धन के स्रोतों की विस्तृत जांच कर रही हैं। फिलहाल इस मामले में जांच जारी है और आने वाले दिनों में और भी अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

