हुगली की तीन नगरपालिकाओं में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम, बैद्यबाटी का पूरा बोर्ड भंग
हुगली, 10 जुलाई (हि. स.)। पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद नगर निकायों में राजनीतिक बदलाव का सिलसिला लगातार जारी है। हुगली जिले की बैद्यबाटी, श्रीरामपुर और कोन्नगर नगरपालिकाओं में शुक्रवार को बड़े घटनाक्रम सामने आए। बैद्यबाटी नगरपालिका का पूरा बोर्ड भंग हो गया, जबकि श्रीरामपुर और कोन्नगर नगरपालिकाओं के चेयरमैनों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। बैद्यबाटी नगरपालिका के चेयरमैन पिंटू महतो और वाइस चेयरमैन ने ई-मेल के माध्यम से अपना इस्तीफा एसडीओ को भेज दिया। बैद्यबाटी नगरपालिका में शुक्रवार को कुल 13 पार्षदों ने इस्तीफा दिया, जिससे नगरपालिका का पूरा बोर्ड भंग हो गया।
एक दिन पहले चांपदानी नगरपालिका में तृणमूल कांग्रेस के चेयरमैन और पार्षदों ने इस्तीफा दिया था। इसके बाद शुक्रवार को श्रीरामपुर नगरपालिका के चेयरमैन गिरिधारी साहा और वाइस चेयरमैन उत्तम नाग ने श्रीरामपुर महकमा शासक (एसडीओ) को अपना इस्तीफा सौंप दिया। हालांकि, तृणमूल कांग्रेस के अन्य पार्षदों ने फिलहाल इस्तीफा नहीं दिया है।
शुक्रवार को श्रीरामपुर नगरपालिका में पार्षदों की बैठक भी हुई। बैठक के बाद तृणमूल पार्षद गौर मोहन डे ने कहा कि चेयरमैन और वाइस चेयरमैन ने इस्तीफा दिया है, लेकिन बाकी पार्षद फिलहाल अगली बैठक तक इंतजार करेंगे। उसके बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी।
उधर, कोन्नगर नगरपालिका के चेयरमैन स्वपन दास चार पार्षदों के साथ श्रीरामपुर एसडीओ के कार्यालय पहुंचे और अपना इस्तीफा सौंप दिया। बताया गया कि दो अन्य पार्षदों ने ई-मेल के माध्यम से अपना इस्तीफा भेजा। स्वपन दास ने कहा कि पद छोड़ने के बावजूद यदि किसी सरकारी कार्य में उनके सहयोग की आवश्यकता होगी तो वह प्रशासन की हरसंभव मदद करेंगे।
पिंटू महतो ने इस्तीफे की वजह बताते हुए कहा कि पिछले दो महीनों से विभिन्न बाधाओं के कारण नागरिकों को सुचारु रूप से सेवाएं उपलब्ध कराना संभव नहीं हो पा रहा था। ऐसी स्थिति में उन्होंने पद छोड़ने का निर्णय लिया।
इस बीच रिषड़ा नगरपालिका को लेकर भी राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस के पार्षदों के संभावित इस्तीफे की चर्चा जोरों पर है।
सूत्रों के अनुसार, नगरपालिका में बोर्ड बैठक हो चुकी है और संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही रिषड़ा नगरपालिका का बोर्ड भी भंग हो सकता है। खबर है कि चेयरमैन सहित तृणमूल के कई पार्षद इस्तीफा दे सकते हैं।
हुगली जिले में लगातार नगरपालिकाओं के बोर्ड टूटने और जनप्रतिनिधियों के इस्तीफों ने स्थानीय राजनीति को गरमा दिया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय

