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विद्यासागर विश्वविद्यालय में शुरू हुआ विद्यासागर संग्रहालय

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विद्यासागर विश्वविद्यालय में शुरू हुआ विद्यासागर संग्रहालय


मेदिनीपुर, 26 सितंबर (हि.स.)। ईश्वरचंद्र विद्यासागर की रचनाओं, उनके जीवन से जुड़े दस्तावेजों और विभिन्न पुस्तकों के संरक्षण के उद्देश्य से विद्यासागर विश्वविद्यालय में ‘विद्यासागर संग्रहालय’ शुरू किया गया है। शुक्रवार रात विद्यासागर की 207वीं जयंती से एक दिन पहले राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने संग्रहालय का उद्घाटन किया।

विद्यासागर विश्वविद्यालय परिसर में इस अवसर पर ‘श्यामाप्रसाद मुखर्जी रीडर्स पार्क’ का भी उद्घाटन किया गया। साथ ही विद्यासागर स्मृति व्याख्यान, विद्यासागर पुरस्कार प्रदान करने का कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्यासागर रचनावली के चौथे खंड तथा उनकी ‘शकुंतला’ पुस्तक के चार भाषाओं में संस्करण का भी प्रकाशन किया गया।

विश्वविद्यालय की ओर से विद्यासागर की लिखी विभिन्न पुस्तकों, उनके बारे में प्रकाशित पुस्तकों, वंशावली और उनके सामाजिक आंदोलनों से जुड़ी घटनाओं को एक जगह संरक्षित किया गया है। तीन कमरों में तैयार संग्रहालय में विद्यासागर से संबंधित विभिन्न जानकारियां, तस्वीरें, दस्तावेज, पत्र और पुस्तकें रखी गई हैं। उनके द्वारा इस्तेमाल किए गए जूते भी संग्रहालय में संरक्षित किए गए हैं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उच्च शिक्षा मंत्री ने राज्य में शिक्षा के पुराने गौरव को वापस लाने के लिए सरकार के प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने पिछली सरकार के कार्यकाल में शिक्षा क्षेत्र में कथित भ्रष्टाचार का भी उल्लेख किया और शिक्षक भर्ती में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विद्यासागर के आदर्शों को सामने रखकर राज्य की शिक्षा व्यवस्था के विकास पर जोर दिया जाएगा।

इस मौके पर विश्वविद्यालय के कुलपति दीपक कुमार कर समेत अन्य वक्ताओं ने विद्यासागर के आदर्शों और उनके योगदान को याद किया। शनिवार को ईश्वरचंद्र विद्यासागर की 207वीं जयंती मनाई जा रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता