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राशन घोटाले के आरोपित ज्योतिप्रिय मल्लिक के समर्थन में उतरीं ममता बनर्जी, विपक्ष ने साधा निशाना

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राशन घोटाले के आरोपित ज्योतिप्रिय मल्लिक के समर्थन में उतरीं ममता बनर्जी, विपक्ष ने साधा निशाना


उत्तर 24 परगना, 07 अप्रैल (हि. स.)। राशन घोटाले के आरोपित और पश्चिम बंगाल के पूर्व खाद्य मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक के समर्थन में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुलकर सामने आई हैं। मंगलवार को उत्तर 24 परगना जिले के हाबरा में चुनावी सभा के दौरान उन्होंने मल्लिक को अपने पास बैठाकर उनके कामों की जमकर सराहना की और उनके खिलाफ कार्रवाई को साजिश करार दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं सुन रही हूं कि बालू (ज्योतिप्रिय मल्लिक) के नाम पर बदनाम किया जा रहा है। मेरी सरकार में उन्होंने जितना अच्छा काम किया, उतना कोई नहीं कर सका। उन्हें ईर्ष्या के कारण गिरफ्तार किया गया, कोई सबूत नहीं मिला। दरअसल, माकपा के समय डेढ़ करोड़ फर्जी राशन कार्ड बनाए गए थे, जिनके जरिए पार्टी फंड के लिए घोटाला होता था। बालू ने ही इन फर्जी कार्डों को हटाकर इस चोरी को उजागर किया, इसलिए भाजपा के जरिए उनके खिलाफ कार्रवाई कराई गई।”

ममता बनर्जी ने आगे कहा कि राज्य में डिजिटल राशन कार्ड व्यवस्था लागू करने का श्रेय भी ज्योतिप्रिय मल्लिक को जाता है। उन्होंने कहा कि राशन की कालाबाजारी रोकने, वाहनों की निगरानी और वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने में मल्लिक की बड़ी भूमिका रही है। उन्हें साजिश के तहत फंसाया गया।

गौरतलब है कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 26 अक्टूबर 2023 की रात करीब 20 घंटे की छापेमारी के बाद ज्योतिप्रिय मल्लिक को सॉल्टलेक स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी का आरोप है कि राज्य में राशन वितरण में बड़े पैमाने पर वित्तीय घोटाला हुआ और इसका एक बड़ा हिस्सा मल्लिक तक पहुंचा।

ईडी के अनुसार, राशन का आटा और गेहूं खुले बाजार में बेचकर हजारों करोड़ रुपये का गबन किया गया। इस मामले में पहले व्यवसायी बाकिबुर रहमान को भी गिरफ्तार किया गया था, जिनसे पूछताछ के बाद मल्लिक का नाम सामने आया।

गिरफ्तारी के बाद से मल्लिक स्वास्थ्य कारणों से कई बार अस्पताल में भर्ती रहे और फिलहाल जमानत पर बाहर हैं। उन्हें दोबारा उम्मीदवार बनाए जाने से राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।

इस मुद्दे पर केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने तंज कसते हुए कहा, “मान लिया कि डेढ़ लाख नाम माकपा ने जोड़े थे, लेकिन वर्षों तक उनके नाम पर जो राशन आवंटित हुआ, वह कहां गया? बनगांव सीमा पर कई ट्रक पकड़े गए थे जो बांग्लादेश जा रहे थे, क्या वह भी बालू ही भेज रहे थे?”

वहीं माकपा नेता सुजन चक्रवर्ती ने सवाल उठाया कि यदि मल्लिक ने इतना अच्छा काम किया है तो उन्हें दोबारा मंत्री क्यों नहीं बनाया गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को पहले यह स्वीकार करना चाहिए कि उन्हें वापस न लेना उनकी गलती है।

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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय