बुद्ध पूर्णिमा पर बागडोगरा और सिलीगुड़ी में भव्य आयोजन, शोभायात्रा और पूजा-अर्चना से गूंजे बौद्ध गुम्फा
सिलीगुड़ी, 01 मई (हि. स.)। बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर भगवान गौतम बुद्ध के 2588वें आविर्भाव दिवस को लेकर बागडोगरा और सिलीगुड़ी के विभिन्न बौद्ध गुम्फाओं में भव्य आयोजन किए गए।
इस दौरान शोभायात्रा, त्रिपिटक पाठ और विशेष पूजा-अर्चना के जरिए पूरे क्षेत्र में धार्मिक माहौल देखने को मिला।
बागडोगरा के अपर इलाके स्थित एक बौद्ध गुम्फा से भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में बौद्ध धर्मावलंबियों ने हिस्सा लिया। पारंपरिक वाद्य यंत्रों और सिंगे की धुन पर श्रद्धालु जुलूस में शामिल हुए। कई महिलाएं सिर पर पवित्र ग्रंथ त्रिपिटक लेकर चल रही थीं, जबकि बौद्ध पुजारी (लामा) भी शोभायात्रा का हिस्सा बने।
यह शोभायात्रा दारागांव गुम्फा से शुरू होकर धर्मकाटा तक गई और फिर वापस गुम्फा में समाप्त हुई।
वहीं, सिलीगुड़ी के पास शालुगाड़ा के तोरिबाड़ी स्थित बौद्ध गुम्फा में भी बुद्ध जयंती बड़े धूमधाम से मनाई गई। सुबह से ही गुम्फा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। यहां त्रिपिटक पाठ, दिनभर पूजा-अर्चना और विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
बौद्ध धर्मावलंबियों का कहना है कि बुद्ध जयंती केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि मानवता, शांति और सद्भाव का संदेश देने वाला विशेष दिन है।
यही वजह है कि हर वर्ष इस अवसर पर हजारों श्रद्धालु गुम्फाओं में पहुंचकर प्रार्थना में शामिल होते है।
हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार

