चक्रवात ‘अर्णब’ के प्रभाव से कोलकाता और तटीय जिलों में बारिश
कोलकाता, 28 अक्टूबर (हि.स.)। चक्रवात ‘अर्णब’ के ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों की ओर बढ़ने के बावजूद पश्चिम बंगाल में भी इसका प्रभाव पड़ने की आशंका है। राज्य के तटीय जिलों में पीली चेतावनी जारी की गई है। मछुआरों के समुद्र में जाने पर रोक लगा दी गई है। कोलकाता सहित तटीय जिलों में प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। किसी बड़े संकट की आशंका नहीं होने के बावजूद नागरिक सुरक्षा बलों को तैयार रखा गया है। एहतियात के तौर पर दक्षिण पूर्व रेलवे ने कई ट्रेनों को रद्द कर दिया है। मंगलवार शाम ढलने के बाद कोलकाता सहित तटीय जिलों में बारिश शुरू हो गई।
कोलकाता नगर निगम ने 15 नवंबर तक जल निकासी पंपिंग स्टेशनों के कर्मचारियों को दिन-रात निगरानी करने का निर्देश दिया है। शहर के जिन इलाकों में जलभराव की आशंका है, वहां अतिरिक्त पंपों की व्यवस्था की गई है। हुगली नदी में ज्वार के दौरान सभी घाटों पर कड़ी निगरानी रखने को कहा गया है। जलभराव की समस्या से निपटने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में विशेष श्रमिक दल तैनात किए गए हैं। नगर निगम के मुख्यालय में बारिश का पानी निकालने के लिए विशेष मशीनों की व्यवस्था भी की गई है।
विधाननगर नगर निगम के निकासी विभाग के अधिकारियों को साल्टलेक में जल निकासी व्यवस्था सुचारु रखने और जलभराव रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। हवाई सेवाओं में संभावित बाधा को देखते हुए यात्रियों को हवाई अड्डे के लिए रवाना होने से पहले संबंधित विमानन कंपनी से उड़ान की ताजा स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी गई है।
कोलकाता पुलिस ने मंगलवार शाम से पार्क स्ट्रीट क्षेत्र में माइक से प्रचार कर लोगों को सतर्क किया। खुले छतों और बालकनियों में रखे गमलों तथा डीटीएच एंटीना को सुरक्षित स्थान पर हटाने की अपील की गई है।
बंदरगाह क्षेत्र और गंगा के घाटों पर नदी यातायात पुलिस कड़ी निगरानी कर रही है। तेज हवाओं के दौरान छोटी नावों और लांच को नदी में उतरने से रोकने के निर्देश दिए गए हैं। नदी यातायात पुलिस ने पांच जेट स्की, तीन लांच और दो स्पीड बोट तैयार रखी हैं। स्थिति को देखते हुए नौका सेवाएं बंद की जा सकती हैं। लालबाजार की ओर से यह जानकारी दी गई है।
पूर्व मेदिनीपुर जिले के दीघा में मंगलवार सुबह से ही माइक के जरिए पर्यटकों को सतर्क किया गया। जिला प्रशासन ने बताया कि संभावित प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां की गई हैं। मंगलवार दोपहर के बाद दीघा में आसमान में बादल छाने लगे। पर्यटकों को समुद्र में उतरने से रोकने के लिए निगरानी बढ़ा दी गई और स्नान घाटों को रस्सियों से घेर दिया गया।
पश्चिम मेदिनीपुर जिले के दांतन में मंगलवार दोपहर से बारिश शुरू हो गई। इस दौरान तेज हवाएं भी चलीं। बेलदा में तूफानी हवाओं के कारण कई पेड़ टूटकर गिर गए।
दक्षिण पूर्व रेलवे के अनुसार, मंगलवार से शुक्रवार तक हावड़ा-जगदलपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी। बुधवार से शनिवार तक जगदलपुर-हावड़ा एक्सप्रेस का परिचालन भी बंद रहेगा। इसके अलावा राउरकेला-जगदलपुर एक्सप्रेस 29 अक्टूबर से चार नवंबर तक और जगदलपुर-राउरकेला एक्सप्रेस 30 अक्टूबर से पांच नवंबर तक रद्द रहेगी। शुक्रवार को चलने वाली सिकंदराबाद-हावड़ा फलकनुमा एक्सप्रेस के साथ हावड़ा-सिकंदराबाद फलकनुमा एक्सप्रेस को भी रद्द कर दिया गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता

