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चक्रवात अर्णब को लेकर तीन जिलों में सतर्कता, नियंत्रण कक्ष स्थापित

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चक्रवात अर्णब को लेकर तीन जिलों में सतर्कता, नियंत्रण कक्ष स्थापित


कोलकाता, 27 अक्टूबर (हि. स.)। बंगाल की खाड़ी में बन रहे चक्रवात ‘अर्णब’ के सीधे राज्य के तट से टकराने की आशंका को लेकर मौसम विभाग ने सतर्कता जारी किया है। पूर्व एवं पश्चिम मेदिनीपुर और झाड़ग्राम जिलों में मंगलवार से मौसम में बदलाव होने की संभावना है। एहतियात के तौर पर तीनों जिलों में नियंत्रण कक्ष खोले गए हैं और आपदा प्रबंधन दलों को तैयार रखा गया है। दिघा, मंदारमणि और शंकरपुर सहित समुद्र तटवर्ती पर्यटन केंद्रों में 27 अक्टूबर से समुद्र में उतरने पर प्रतिबंध लगाया गया है।

चक्रवात के प्रभाव से ओडिशा और बंगाल के तटीय क्षेत्रों में भारी बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने का अनुमान है। पूर्व मेदिनीपुर जिले के तटीय क्षेत्रों में 43 राहत शिविर हैं। प्राकृतिक आपदा की स्थिति से निपटने के लिए इन्हें तैयार रखा गया है। इसके अलावा, तटीय क्षेत्र के लोगों की सुरक्षा के लिए 500 विद्यालय भवनों को भी तैयार रखा गया है।

जिला आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारी निरंजन मंडल ने कहा कि मौसम विभाग से मिली सूचना के अनुसार आवश्यक कदम उठाए गए हैं। आम लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिला, प्रखंड और पंचायत स्तर तक लगातार संपर्क बनाए रखा गया है।

दीघा, मंदारमणि और शंकरपुर सहित तटीय पर्यटन केंद्रों में जिला प्रशासन ने विशेष सतर्कता जारी की है। मंगलवार से समुद्र के अशांत होने की आशंका को देखते हुए पहले ही चेतावनी दी गई है। इसके साथ ही तेज हवा चलने का भी अनुमान है। इसी कारण 27 से 31 अक्टूबर तक समुद्र में स्नान करने पर प्रतिबंध लगाया गया है। मछुआरों को मंगलवार तक समुद्र से लौट आने का निर्देश दिया गया है। दीघा-शंकरपुर विकास प्राधिकरण, दीघा थाना और दीघा मोहना तटीय थाना की ओर से समुद्र तट पर लाउडस्पीकर के माध्यम से पर्यटकों को सतर्क किया जा रहा है।

दीघा-शंकरपुर विकास प्राधिकरण के कार्यकारी अधिकारी प्रतीक अशोक धूमल ने सोमवार शाम को कहा कि फिलहाल दीघा तट पर चक्रवात के सीधे टकराने की संभावना कम है। हालांकि, 27 अक्टूबर से बारिश शुरू होने की आशंका है। इसलिए पर्यटकों को सतर्क किया जा रहा है। किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए प्रशासन तैयार है।

दीघा-शंकरपुर होटल व्यवसायी संघ के संयुक्त सचिव बिप्रदास चक्रवर्ती ने कहा कि दुर्गापूजा के बाद पर्यटकों की संख्या में कमी आई है, लेकिन जो पर्यटक अभी भी यहां मौजूद हैं, उन्हें सावधान कर दिया गया है।

पश्चिम मेदिनीपुर जिले में भी चक्रवात ‘अर्णब’ से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने नियंत्रण कक्ष खोला है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, मोहनपुर, दांतन, केशियाड़ी, सबंग, पिंगला, देबरा, खड़गपुर और मेदिनीपुर में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। सभी प्रखंड प्रशासन को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है।

जिलाधिकारी बिजिन कृष्णा ने कहा कि चक्रवात के प्रभाव की आशंका को ध्यान में रखते हुए सभी प्रकार के एहतियाती उपाय किए गए हैं।

चक्रवात ‘अर्णब’ के प्रभाव से झाड़ग्राम जिले में भी बारिश और 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने का पूर्वानुमान है। आपदा प्रबंधन विभाग की पहल पर 24 घंटे चलने वाला नियंत्रण कक्ष शुरू किया गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता