खानाकुल विधायक सुषांत घोष की पहल पर फुचके के पानी की जांच, नमूनों में मिले खतरनाक बैक्टीरिया
हुगली, 17 जुलाई (हि. स.)। खानाकुल के विधायक सुषांत घोष की पहल पर जनहित में बीएमओएच (ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर ऑफ हेल्थ) के माध्यम से फुचके के पानी के कई नमूने एकत्र कर पश्चिम बंगाल जनस्वास्थ्य प्रयोगशाला में जांच कराई गई। शुक्रवार को जांच रिपोर्ट में ई. कोलाई और कोलीफॉर्म बैक्टीरिया की मौजूदगी पाई गई है। साथ ही कुल बैक्टीरिया की मात्रा निर्धारित सुरक्षित सीमा से काफी अधिक मिली, जिसके आधार पर प्रयोगशाला ने इन नमूनों को असुरक्षित घोषित किया है।
विधायक सुषांत घोष ने कहा कि लोगों के स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। इसी उद्देश्य से फुचके के पानी की वैज्ञानिक जांच कराई गई, ताकि आम लोगों को संभावित स्वास्थ्य जोखिमों के प्रति जागरूक किया जा सके।
विशेषज्ञों के अनुसार, ई. कोलाई और कोलीफॉर्म बैक्टीरिया दूषित पानी तथा अस्वच्छ परिस्थितियों का संकेत हैं। ऐसे पानी से तैयार खाद्य पदार्थों के सेवन से दस्त, उल्टी, पेट का संक्रमण, बुखार सहित कई जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरक्षा क्षमता वाले लोगों के लिए यह जोखिम अधिक गंभीर हो सकता है।
रिपोर्ट सामने आने के बाद संबंधित फुचका विक्रेताओं को केवल मिनरल वाटर का उपयोग कर फुचके का पानी तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही उन्हें स्वच्छता बनाए रखने, सुरक्षित खाद्य निर्माण और एफएसएसएआई के मानकों का पालन करने के लिए भी जागरूक किया जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय

