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कृषि एवं विपणन अधिकारियों के साथ दिलीप घोष की बैठक, विभागीय संसाधनों के बेहतर उपयोग पर जोर

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कृषि एवं विपणन अधिकारियों के साथ दिलीप घोष की बैठक, विभागीय संसाधनों के बेहतर उपयोग पर जोर


हुगली, 30 मई (हि.स.)। पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा पशुपालन विकास एवं कृषि विपणन मंत्री दिलीप घोष ने शनिवार को वैद्यबाटी में कृषि एवं विपणन विभाग के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की।

वैद्यबाटी के दिल्ली रोड स्थित नेताजी सुभाष कृषि विपणन प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित इस बैठक में राज्य के विभिन्न जिलों से आए कृषि एवं विपणन विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य विभागीय कार्यों की समीक्षा करना तथा उपलब्ध संशाधनों के अधिक प्रभावी उपयोग पर चर्चा करना था।

बैठक में विशेष रूप से विभाग के अधीन संचालित सरकारी गोदामों और विपणन केंद्रों की स्थिति पर विचार-विमर्श किया गया। समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि कई स्थानों पर सरकारी गोदामों और दुकानों का समुचित उपयोग नहीं हो रहा है, जबकि कुछ स्थानों पर उपलब्ध सुविधाओं का सही तरीके से संचालन नहीं किया जा रहा है। मंत्री ने अधिकारियों को इन कमियों को दूर करने और परिसंपत्तियों के बेहतर उपयोग के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।

इसके अलावा विभिन्न कार्यालयों में कर्मचारियों की संख्या, कार्यक्षमता और विभागीय उत्पादकता जैसे विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि विभागों की कार्यक्षमता बढ़ाकर आय में वृद्धि कैसे की जा सकती है तथा किसानों और संबंधित हितधारकों को बेहतर सेवाएं कैसे उपलब्ध कराई जा सकती हैं।

सूत्रों के अनुसार, बैठक में कृषि विपणन व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ बनाने, सरकारी बुनियादी ढांचे का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने और विभागीय राजस्व बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझावों पर विचार किया गया। मंत्री ने अधिकारियों से जमीनी स्तर पर कार्यों की नियमित निगरानी करने और उपलब्ध संशाधनों का प्रभावी इस्तेमाल सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

दिलीप घोष ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता विभागीय संसाधनों का बेहतर उपयोग कर कृषि एवं विपणन क्षेत्र को अधिक मजबूत बनाना है, ताकि किसानों को अधिक सुविधाएं मिलें और सरकारी परिसंपत्तियों का पूरा लाभ जनता तक पहुंच सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय