आलू किसानों को बड़ी राहत : दूसरे राज्यों में निर्यात पर रोक नहीं, 50 रुपये प्रति क्विंटल सब्सिडी का ऐलान
हुगली, 05 नवंबर (हि. स.)। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने गुरुवार को हुगली जिले के पुरसूरा में किसानों के लिए कई बड़ी घोषणाएं कीं। उन्होंने आलू निर्यात को लेकर पिछली तृणमूल सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले दूसरे राज्यों में आलू भेजने पर बार-बार सीमाओं पर रोक लगाई जाती थी। इससे आलू खराब होता था और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पाता था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब झारखंड, बिहार, असम और उत्तर प्रदेश सहित दूसरे राज्यों में आलू भेजने पर कोई बाधा नहीं होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि आलू किसानों की गाड़ियों को किसी भी राज्य की सीमा पर नहीं रोका जाएगा। सड़क या रेल मार्ग से आलू निर्यात करने पर किसानों को प्रति क्विंटल 50 रुपये की सब्सिडी भी दी जाएगी।
उन्होंने आलू किसानों को उचित मूल्य दिलाने का भरोसा देते हुए कहा कि प्रति क्विंटल एक हजार 120 रुपये का बांड मूल्य निर्धारित किया जाएगा। यदि बाजार में आलू की कीमत इससे नीचे गिरती है, तो दोनों के बीच का अंतर राज्य सरकार सब्सिडी के रूप में देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए सरकार जितनी भी राशि खर्च करनी पड़े, करेगी।
अधिकारी ने यह भी घोषणा की कि आलू को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के दायरे में लाया जाएगा। किसानों को बीमा प्रीमियम के रूप में जो राशि देनी पड़ती है, उसे भी माफ किया जाएगा और यह खर्च पश्चिम बंगाल सरकार उठाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि कालाबाजारी की कोई शिकायत मिलने पर 24 घंटे के भीतर कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने राज्य में आलू उत्पादन और भंडारण की स्थिति का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में पश्चिम बंगाल में कुल 140 लाख मीट्रिक टन आलू का उत्पादन हुआ। कोल्ड स्टोरेज में 75 लाख मीट्रिक टन से अधिक आलू रखा गया था, जिसमें से अब तक 48 लाख मीट्रिक टन निकाला जा चुका है। शेष 27 लाख मीट्रिक टन आलू को 30 नवंबर तक कोल्ड स्टोरेज से निकालने की उम्मीद जताई गई। उन्होंने कहा कि कानून के तहत इसकी समय-सीमा 31 दिसंबर तक बढ़ाई जा सकती है, लेकिन सरकार चाहती है कि आलू चरणबद्ध तरीके से 30 नवंबर तक बाहर निकाल लिया जाए।
पुरसूरा में ही मुख्यमंत्री ने ‘किसान सम्मान निधि’ योजना की शुरुआत की। योजना के शुभारंभ के दिन प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों के बैंक खातों में सहायता राशि की किस्त पहुंचाई गई।
मुख्यमंत्री के अनुसार, बाढ़ से गंभीर रूप से प्रभावित किसानों को एक लाख 80 हजार रुपये, आंशिक नुकसान झेलने वालों को 90 हजार रुपये और मामूली नुकसान वाले किसानों को 40 हजार रुपये दिए जाएंगे। बाढ़ प्रभावित भूतनी चर के 10 हजार 750 किसानों को बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके अलावा चार लाख किसानों को बिजली पर प्रति यूनिट दो रुपये की सब्सिडी दी गई है।
उन्होंने बाढ़ से प्रभावित 46 लाख किसानों को मुआवजा देने का आश्वासन भी दिया। मुख्यमंत्री की घोषणाओं में आलू किसानों को निर्यात की सुविधा, न्यूनतम मूल्य का भरोसा, बीमा प्रीमियम में राहत और आपदा प्रभावित किसानों को आर्थिक सहायता प्रमुख रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय

