home page

हरिद्वार में परिवहन विभाग का उत्कृष्ट प्रदर्शन, वित्तीय वर्ष 2025-26 में बनी नई मिसाल

 | 

हरिद्वार, 11 अप्रैल (हि.स.)। परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा के गृह जनपद हरिद्वार में परिवहन विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान प्रवर्तन और प्रशासनिक कार्यों में अभूतपूर्व सफलता हासिल कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के नेतृत्व और वरिष्ठ अधिकारियों के प्रभावी मार्गदर्शन में विभाग ने लक्ष्य से अधिक उपलब्धियां अर्जित कीं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, हरिद्वार और रुड़की स्थित एआरटीओ कार्यालयों ने प्रवर्तन कार्यवाही को सुदृढ़, परिणामोन्मुख और तकनीकी रूप से सक्षम बनाते हुए उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की। हरिद्वार एआरटीओ कार्यालय द्वारा वर्ष 2025-26 में कुल 35,986 चालान किए गए, जो निर्धारित लक्ष्य का 109.05 प्रतिशत है। वहीं रुड़की एआरटीओ कार्यालय द्वारा 33,531 चालान किए गए, जो लक्ष्य के सापेक्ष 107.47 प्रतिशत उपलब्धि है। इस प्रकार जनपद में कुल मिलाकर लगभग 69,500 चालान किए गए, जो गत वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाता है।

वाहनों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए हरिद्वार एआरटीओ कार्यालय ने 2,301 वाहन सीज किए, जबकि रुड़की एआरटीओ कार्यालय द्वारा 2,377 वाहन सीज किए गए। इस अभियान के चलते अवैध और नियम विरुद्ध संचालन पर प्रभावी अंकुश लगाया गया है।

राजस्व संग्रह के क्षेत्र में भी विभाग ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। हरिद्वार एआरटीओ द्वारा लगभग 529.77 लाख तथा रुड़की एआरटीओ द्वारा लगभग 680.82 लाख की वसूली की गई। इस प्रकार जनपद में कुल राजस्व प्राप्ति घ्12 करोड़ से अधिक रही, जो विभाग की कार्यकुशलता और सुदृढ़ वसूली तंत्र को दर्शाती है।

प्रवर्तन कार्यवाही को आधुनिक और पारदर्शी बनाने के लिए ई-चालान प्रणाली का प्रभावी क्रियान्वयन किया गया। इससे चालानों का त्वरित निस्तारण, न्यायालय में समय पर प्रेषण व दंड वसूली की प्रक्रिया अधिक सुगम और पारदर्शी बनी है।

इस सफलता में एआरटीओ (प्रवर्तन) हरिद्वार नेहा झा एवं एआरटीओ (प्रवर्तन) रुड़की कृष्ण पलारिया की अहम भूमिका रही। इनके नेतृत्व में प्रवर्तन कार्यों की सतत निगरानी, रणनीतिक योजना और टीम प्रबंधन के जरिए उल्लेखनीय परिणाम प्राप्त हुए।

प्रशासनिक स्तर पर भी जनपद ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। एआरटीओ (प्रशासन) हरिद्वार निखिल शर्मा व एआरटीओ (प्रशासन) रुड़की जितेंद्र चंद द्वारा कर वसूली और प्रशासनिक सुधारों में महत्वपूर्ण योगदान दिया गया। आरटीओ (प्रशासन) देहरादून संदीप सैनी के मार्गदर्शन में लगभग 95 प्रतिशत कर लक्ष्य प्राप्त किया गया तथा पिछले वर्ष की तुलना में करीब 12 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई।

इसके अतिरिक्त, कार्यालयों में टोकन प्रणाली लागू कर आमजन को पारदर्शी और सुविधाजनक सेवाएं प्रदान की गईं। हरिद्वार उपक्षेत्र में ई-रिक्शा संचालन के लिए मानक संचालन प्रक्रिया लागू कर यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित किया गया। ये पहलें राज्य स्तर पर भी बेस्ट प्रैक्टिस के रूप में उभर रही हैं।

समग्र रूप से देखा जाए तो वित्तीय वर्ष 2025-26 में हरिद्वार का परिवहन विभाग प्रवर्तन, राजस्व और प्रशासनिक सुधारों के क्षेत्र में एक आदर्श मॉडल बनकर सामने आया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी इसी प्रकार सख्त, पारदर्शी और जनहितकारी कार्यवाही निरंतर जारी रखी जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला