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श्रावणी रक्षाबंधन पर्व पर 47 छात्रों का हुआ सामूहिक उपनयन संस्कार

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श्रावणी रक्षाबंधन पर्व पर 47 छात्रों का हुआ सामूहिक उपनयन संस्कार


श्रावणी रक्षाबंधन पर्व पर 47 छात्रों का हुआ सामूहिक उपनयन संस्कार


ज्योतिर्मठ, 28 अगस्त (हि.स.)। श्रावणी रक्षाबंधन के पावन अवसर पर श्री बद्रीनाथ संस्कृत महाविद्यालय एवं श्री बद्रीनाथ संस्कृत उत्तर मध्यमा विद्यालय के छात्रावास परिसर में सामूहिक उपनयन संस्कार संपन्न कराया गया। इस अवसर पर दोनों संस्थाओं के 47 विद्यार्थियों का उपनयन संस्कार वैदिक विधि-विधान से संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में बटुकों को दीक्षा-गुरुमंत्र श्री बदरीनाथ धाम के पूर्व धर्माधिकारी आचार्य भुवन चंद्र उनियाल सहित आचार्यों के द्वारा प्रदान की गई, उन्होंने उपनयन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उपनयन का अर्थ है - गुरु के पास ले जाना यह मनुष्य के आध्यात्मिक जीवन का प्रवेश द्वार है। इसके बाद मनुष्य का एक प्रकार से प्राकृत शरीर का अंत और नये भाव का आविर्भाव होता है। यह स्वछंदता में स्वतंत्रता के संक्रमण का प्रारंभिक बिंदु है। स्वछंदता का अर्थ बंधन को अस्वीकारना और स्वतंत्रता का अर्थ आत्म-संयम से अपनी तथा समिष्टि की इच्छा को जोड़ना है।

उपनयन के पश्चात ही विद्या अध्ययन का वास्तविक अधिकार प्राप्त होता है। यह दीक्षा सावित्री दीक्षा है, उस सविता की दीक्षा है जो अपने बाहरी प्रकाश से भीतरी प्रकाश को सक्रिय बनाते हैं और उस भीतरी प्रकाश को सक्रिय बना कर मनुष्य को अपने प्रकाश से विश्व को आलोकित करने को प्रेरित करते हैं।

इस अवसर पर श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती ने कहा कि उपनयन संस्कार के द्वारा एक संस्कारित भारत के भविष्य की नींव रखी जा रही है। इस प्रकार के संस्कारों से ही भारत का भविष्य सुरक्षित रह सकता है।

उन्होंने छात्रों संस्कारवान बनने तथा भारतीय विद्या को विश्व में प्रसारित करने का आह्वान किया। श्री सती ने छात्रों को आश्वासन दिया कि शीघ्र ही विद्यालय एवं महाविद्यालय की व्यवस्था में सुधार के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।

उपनयन संस्कार को वैदिक मंत्रों के द्वारा आचार्य जगदीश जोशी ,डाक्टर आशीष नारायण भट्ट एवं आचार्य प्रदीप पुरोहित ने संपन्न कराया। छात्र मुकेश उप्रेती, पवन थपलियाल और लक्ष्मण ने अनुष्ठान को सम्पन्न कराने में सक्रिय भूमिका निभाई। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य देवेश्वर प्रसाद थपलियाल, उत्तर मध्यमा विद्यालय के प्रधानाचार्य अरविंद पंत, डाक्टर मनीष देवराडी, डाक्टर सावित्री रावत, आचार्य विमल पुरोहित, बीकेटीसी के प्रशासनिक अधिकारी विजेंद्र बिष्ट, सतीश नेगी, सुभाष परमार, अनीता कपरुवाण एवं छात्र उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / प्रकाश कपरुवाण