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शहीदों की प्रतिमाएं पैतृक गांवों में लगाने का फैसला ऐतिहासिक: पोरी

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पौड़ी गढ़वाल, 26 अगस्त (हि.स.)। कैबिनेट के फैसलों व पौड़ी विधानसभा में हो रहे विकास कार्यो को लेकर विधायक राजकुमार पोरी ने बुधवार को अपने कार्यालय में प्रेसवार्ता की। उन्होंने सरकार के निर्णयों की सराहना करते हुए शहीद सैनिकों की प्रतिमाएं उनके पैतृक गांवों में स्थापित किए जाने के फैसले को ऐतिहासिक और भावनात्मक पहल बताया।

विधायक पोरी ने कहा कि देश की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों का सम्मान करना पूरे समाज की जिम्मेदारी है। पैतृक गांवों में शहीदों की प्रतिमाएं स्थापित होने से उनकी वीरगाथाएं आने वाली पीढ़ियों तक जीवंत रहेंगी। गांवों के युवा अपने क्षेत्र के वीर सपूतों के जीवन और बलिदान से प्रेरणा ले सकेंगे।

उन्होंने कहा कि शहीदों का सम्मान केवल उनकी स्मृतियों को संजोना नहीं, बल्कि युवाओं में राष्ट्रप्रेम और देशसेवा की भावना को मजबूत करना भी है। प्रतिमाएं लोगों को हमेशा याद दिलाती रहेंगी कि उत्तराखंड के वीर जवानों ने देश की सीमाओं की रक्षा के लिए अपना जीवन न्योछावर किया। पोरी ने कहा कि यह निर्णय शहीदों के परिजनों के सम्मान की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। इससे परिवारों को यह संदेश मिलेगा कि उनके वीर सपूतों का बलिदान सरकार और समाज हमेशा याद रखेगा। उन्होंने कहा कि इससे उत्तराखंड की सैन्य परंपरा और वीरभूमि की पहचान भी और मजबूत होगी।

विधायक ने कैबिनेट के अन्य निर्णयों की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार प्रदेश के विकास, जनहित और वीर सैनिकों के सम्मान को प्राथमिकता देते हुए लगातार कार्य कर रही है। इस दौरान किसान आयोग के सदस्य ओपी जुगराण, राकेश नौड़ियाल सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह