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विश्व धरोहर रम्माण के संरक्षण मे उत्तराखंड विधानसभ द्वारा रम्माण मुखौटा निर्माण कार्यशाला का हुआ शुभारंभ

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विश्व धरोहर रम्माण के संरक्षण मे उत्तराखंड विधानसभ द्वारा रम्माण मुखौटा निर्माण कार्यशाला का हुआ शुभारंभ


ज्योतिर्मठ, 02 सितंबर (हि.स.)। उत्तराखंड विधानसभा की अध्यक्ष रितु खण्डूडी़ भूषण की पहल पर भराड़ीसैंण, गैरसैंण स्थित अन्तर्राष्ट्रीय संसदीय अध्ययन, शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा बुधबार को रम्माण मुखौटा निर्माण कार्यशाला प्रशिक्षण का विश्व सांस्कृतिक धरोहर रम्माण की भूमि क्षेत्रपाल देवता मंदिर परिसर सलूड़-डुंग्रा में भव्य शुभारंभ किया गया।

विधानसभा अध्यक्ष उत्तराखंड द्वारा पूर्व में भी विश्व सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण हेतु अभूतपूर्व प्रयास किये गये। 03 अक्टूबर 2025 को उत्तराखंड राज्य की रजत जयंती के शुभ अवसर पर उत्तराखंड विधानसभा के विशेष सत्र में देश की माननीय राष्ट्रपति महोदया श्रीमती द्रोपदी मुर्मू को विश्व सांस्कृतिक धरोहर रम्माण सलूड़-डुंग्रा के मुखौटे की प्रतिकृति व रम्माण पुस्तिका भेंट कर पौराणिक संस्कृति का विश्व में सम्मान बढ़ाया है।

विधानसभा अध्यक्ष द्वारा समय-समय पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, तत्कालीन सी.डी.एस. जनरल अनिल चौहान सहित अनेक हस्तियों को रम्माण पुस्तिका भेंट कर सम्मानित किया जा चुका है। रम्माण मुखौटा निर्माण कला को नयी पीढ़ी में हस्तांतरित करने व बच्चों में सृजन कौशल विकसित करने के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए विद्यालयी शिक्षा से जुड़े क्षेत्र के 24 छात्र -छात्राओं को रम्माण मुखौटा बनाने वाले मुख्य कलाकार मोहन लाल द्वारा चार माह का प्रथम चरण का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

प्रशिक्षण कार्यशाला की समाप्ति पर विधानसभा उत्तराखंड द्वारा नामित विशेषज्ञों के द्वारा प्रशिक्षण प्राप्त छात्र -छात्राओं का मूल्यांकन किया जाएगा। मूल्यांकन में सफल प्रतिभागियों को 7000 रूपए प्रति माह की दर से कुल 28000रूपये का मानदेय, टूल किट एवं प्रमाण पत्र विधानसभा उत्तराखंड के द्वारा प्रदान किया जाएगा, ताकि नयी पीढ़ी के कथाकार मुखौटों का निर्माण कर मुखौटा निर्माण कला को जीवित रखने के साथ साथ कला को अपनी आजीविका से भी जोड़ सकें।

इसी प्रकार द्वितीय चरण में क्षेत्र के अन्य इच्छुक व्यक्तियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षक के मानदेय व आवश्यक काष्ठ की व्यवस्था भी विधानसभा उत्तराखंड द्वारा सुनिश्चित की जायेगी। रम्माण के संयोजक डॉ 0 कुशल भण्डारी द्वारा 16 नवंबर 2025 को मुखौटा निर्माण कार्यशाला का प्रस्ताव अध्यक्ष उत्तराखंड विधानसभा को प्रेषित किया गया था, प्रस्ताव पर यथोचित विचार करते हुए विधानसभा उत्तराखंड द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम की स्वीकृति प्रदान कर अमलीजामा पहना दिया गया है।

उद्घाटन समारोह में विधान सभा उत्तराखंड से अनुभाग अधिकारी राकेश चंद्र रमोला, समीक्षा अधिकारी द्वय अंशुमान काला एवं भट्ट जी द्वारा टूल किट ,बैनर आदि सामग्री समिति को प्रदान की गयी। विश्व सांस्कृतिक धरोहर रम्माण भूमि क्षेत्रपाल देवता मंदिर परिसर सलूड़-डुंग्रा में प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर सेकडों ग्रामीण उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / प्रकाश कपरुवाण