home page

विद्यार्थियों को नवाचार और स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया

 | 
विद्यार्थियों को नवाचार और स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया


नैनीताल, 30 अगस्त (हि.स.)। कुमाऊं विश्वविद्यालय के नवाचार एवं उद्यम संवर्धन प्रकोष्ठ की ओर से रविवार को नगर के सीआरएसटी इंटर कॉलेज में पहुंच कार्यक्रम के तहत कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में विद्यार्थियों को नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार देने वाला बनने, नवाचार, बौद्धिक संपदा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और उत्पादों में मूल्यवर्धन के माध्यम से स्वरोजगार की संभावनाओं की जानकारी दी गई।

प्रकोष्ठ के निदेशक प्रो. आशीष तिवारी ने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं को नौकरी तलाशने के साथ रोजगार देने वाला बनने की दिशा में भी सोचना चाहिए। कुमाऊं विश्वविद्यालय का नवाचार एवं उद्यम संवर्धन प्रकोष्ठ ऐसे नवाचारी परियोजनाओं को सहयोग प्रदान करता है। वनस्पति विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. ललित तिवारी ने कहा कि मानव मस्तिष्क आविष्कार और बौद्धिक संपदा के विकास का महत्वपूर्ण आधार है।

वर्ष 2047 तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए युवाओं को आर्थिक उन्नति में योगदान देना होगा, जिससे नए व्यावसायिक क्षेत्र विकसित हो सकें। हर्षवर्धन चौधरी ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के सकारात्मक और नकारात्मक उपयोग को समझने के लिए मानव मस्तिष्क का अधिकतम उपयोग करने पर जोर दिया।

प्रभात मठपाल ने मोबाइल के उपयोग से नए कार्य और संभावनाएं तलाशने की बात कही, जबकि डॉ. इकरामजीत सिंह ने किसी भी कार्य में मूल्यवर्धन के माध्यम से बाजार में बेहतर लाभ प्राप्त करने की जानकारी दी और कहा कि नया करने की सोच तथा गुणवत्ता समय की जरूरत है। प्रधानाचार्य मनोज पांडे ने सकारात्मक सोच को सफलता का आधार बताते हुए कहा कि कोई काम छोटा-बड़ा नहीं होता, लगन और सोच उसमें बदलाव लाती है।

कार्यशाला में विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रश्न भी पूछे गये। नवाचार एवं उद्यम संवर्धन प्रकोष्ठ की टीम ने विद्यालय की आयस्टर मशरूम उत्पादन इकाई का भी निरीक्षण किया तथा प्रकोष्ठ की गतिविधियों की जानकारी दी। कार्यक्रम में डॉ. सोबन बिष्ट, जीडी लोहनी, रितेश साह, ललित जीना सहित विद्यालय के विद्यार्थी और अन्य लोग उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी