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रप्चर्ड एक्टोपिक प्रेग्नेंसी का किया सफल लैप्रोस्कोपिक ऑपरेशन

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पौड़ी गढ़वाल, 25 जून (हि.स.)। ईशा फाउंडेशन द्वारा संचालित उत्तरा केयर हॉस्पिटल में एक बार फिर विशेषज्ञ चिकित्सकों की तत्परता एवं आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के माध्यम से एक महिला की जान बचाने में सफलता प्राप्त हुई। अस्पताल के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की वरिष्ठ विशेषज्ञ डा. अनु भारती और उनकी टीम ने अत्यंत जटिल एवं जानलेवा स्थिति में भर्ती महिला का सफलतापूर्वक आपातकालीन ऑपरेशन कर नया जीवन प्रदान किया।

अस्पताल प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार पाबौ ब्लाक के मिलाई निवासी पवित्रा रावत लगभग डेढ़ माह की गर्भावस्था के दौरान पिछले तीन दिनों से लगातार पेट के निचले हिस्से में तेज दर्द एवं अत्यधिक रक्तस्राव की शिकायत के साथ उत्तरा केयर हॉस्पिटल पहुंचीं। अस्पताल पहुंचते ही चिकित्सकों द्वारा मरीज की तत्काल जांच एवं आवश्यक परीक्षण कराए गए। अल्ट्रासाउंड जांच में यह पाया गया कि मरीज को रप्चर्ड एक्टोपिक प्रेग्नेंसी थी और पेट के अंदर अत्यधिक रक्तस्राव हो चुका है। यह स्थिति अत्यंत गंभीर एवं जानलेवा होती है, जिसमें कुछ ही समय की देरी मरीज के जीवन के लिए खतरा बन सकती है। मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए डा. अनु भारती और उनकी विशेषज्ञ टीम ने बिना समय गंवाए स्पाइनल एनेस्थीसिया के तहत आपातकालीन लेफ्ट लैप्रोस्कोपिक सैल्पिंगेक्टॉमी सफलतापूर्वक संपंन की।

लगातार चिकित्सकीय निगरानी एवं समुचित उपचार के पश्चात मरीज की स्थिति में तेजी से सुधार हुआ और मरीज को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। फाउंडेशन के निदेशक आईएस नेगी ने कहा कि संस्था का उद्देश्य पर्वतीय क्षेत्रों के हर नागरिक को समय पर विशेषज्ञ एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने अस्पताल की पूरी मेडिकल टीम को सफल उपचार के लिए बधाई देते हुए कहा कि आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं एवं अनुभवी चिकित्सकों के सहयोग से अब जनपदवासियों को गंभीर उपचार के लिए बाहर जाने की आवश्यकता कम हो रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह