युवाओं और महिलाओं को उद्यमिता से जोड़ने की पहल
चम्पावत, 21 अगस्त (हि.स.)। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना (एमयूवाई) के प्रभावी क्रियान्वयन और ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में उद्यमिता तथा स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुक्रवार को चम्पावत में राज्य एवं जनपद स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना की आईईसी वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया, जो 27 अगस्त तक जिले के विभिन्न गांवों और सार्वजनिक स्थलों पर पहुंचकर लोगों को स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी देगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून स्थित मुख्य सेवक सदन से योजना का शुभारंभ किया, जिसका विकास भवन सभागार, चम्पावत में वर्चुअल माध्यम से सीधा प्रसारण किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना गांव-गांव में उद्यमिता को बढ़ावा देने के साथ युवाओं, महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों को स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने और पलायन रोकने में योजना की उपयोगिता पर भी बल दिया।
चम्पावत में आयोजित कार्यक्रम में दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री श्याम नारायण पाण्डेय मुख्य अतिथि तथा मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती अध्यक्ष के रूप में उपस्थित रहे। इस दौरान मुख्यमंत्री के संबोधन को उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों ने सुना।
कार्यक्रम में उद्यमिता एवं महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली चम्पावत की हेमा उपाध्याय, लक्ष्मी जोशी और कंचन देवी सहित राज्य की अन्य महिला उद्यमियों को मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया गया। इसके अलावा जनपद में उत्कृष्ट कार्य करने वाले उद्यमियों लक्षिता जोशी, अपर्णा पनेरू, देवेन्द्र कुमार, निखिल अधिकारी, कलावती देवी, बबीता चौधरी, माया बिष्ट, शोभा तड़ागी और गीता देवी को प्रशस्ति पत्र एवं मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान आठ उद्यमियों को सब्सिडी राशि के चेक भी वितरित किए गए। ओमप्रकाश जोशी, कुंवर सिंह, हरीश राय, राजेश सार्की, विक्रम सिंह भंडारी और भुवन चंद को 90-90 हजार रुपये, जबकि शिवदत्त पाटनी एवं तुलाराम को 30-30 हजार रुपये की सब्सिडी प्रदान की गई।
बाद में मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना की आधुनिक एलईडी डिस्प्ले एवं ऑडियो-वीडियो प्रचार प्रणाली से सुसज्जित आईईसी वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह वैन 21 से 27 अगस्त तक चम्पावत, लोहाघाट, पाटी और बाराकोट विकासखंड के दूरस्थ गांवों, बाजारों एवं सार्वजनिक स्थलों पर पहुंचकर युवाओं, महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय उद्यमियों को स्वरोजगार एवं कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराएगी।
परियोजना निदेशक अजय सिंह ने बताया कि आईईसी वैन के माध्यम से लोगों को उद्यम स्थापना, प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, विपणन व्यवस्था और उद्यमी पंजीकरण से संबंधित जानकारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला उद्यमी बनाना है। कार्यक्रम स्थल पर स्वयं सहायता समूहों एवं युवाओं के लिए पंजीकरण डेस्क, उत्पाद प्रदर्शनी, विभागीय मार्गदर्शन सत्र तथा बैंकिंग एवं ऋण सुविधा सहायता केंद्र भी स्थापित किए गए।
इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष प्रेमा पाण्डेय, ब्लॉक प्रमुख अंचला बोहरा, मनोज कालाकोटी, मुकेश महराना, रोहित बिष्ट, कैलाश अधिकारी, परियोजना निदेशक अजय सिंह, एपीडी विम्मी जोशी, मुख्य कृषि अधिकारी डी. कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, उद्यमी और स्वयं सहायता समूहों के सदस्य उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / राजीव मुरारी

