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नैनीताल के सात नंबर व सिल्वर्टन, कैंची धाम व छड़ा क्षेत्र में भारी भूस्खलन

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नैनीताल के सात नंबर व सिल्वर्टन, कैंची धाम व छड़ा क्षेत्र में भारी भूस्खलन


नैनीताल, 09 जुलाई (हि.स.)। नैनीताल एवं इससे लगे सभी निकटवर्ती क्षेत्रों में बुधवार की पूरी रात्रि लगातार वर्षा हुई। इसके साथ नैनीताल सहित पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश का मौसम अब अपने पूरे चरम पर नजर आ रहा है। इससे नैनी झील में शहर भर का मलबा समाने के साथ झील के जल स्तर में सुधार-वृद्धि हो रही है। मौसम सुहावना हो गया है, और नगर की प्राकृतिक सुंदरता बढ़ गयी है। सैलानियों की संख्या में विशेषकर सप्ताह के दिनों में कमी देखी जा रही है। नगर की पार्किंग भी खाली होने लगी हैं।

दूसरी ओर लगातार हो रही वर्षा के कारण जनपद नैनीताल में जनजीवन भी प्रभावित हुआ है। भूस्खलन की घटनाएं होने लगी हैं। सात नंबर में भूस्खलन हुआ है। यहां पहले भी इसी स्थान पर भूस्खलन हुआ था। इसी तरह वहीं लगातार हो रही बारिश के बीच नैनीताल के सात नंबर क्षेत्र स्थित बोरा प्वाइंट के समीप बुधवार को भारी भूस्खलन हुआ, जिससे आसपास के मकानों पर खतरा मंडराने लगा है।

स्थानीय लोगों के अनुसार क्षेत्र में अभी भी लगातार मलबा और पत्थर गिर रहे हैं, जिससे स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

बताया गया कि सात नंबर में जहां भूस्खलन हुआ था, वहीं बीते वर्ष भी भूस्खलन हुआ था। बुधवार को पहाड़ी से बड़े-बड़े पत्थर और मलबा खिसककर नीचे सड़क तक पहुंच गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि शीघ्र सुरक्षात्मक कार्य नहीं किए गए तो आसपास के आवासीय भवनों को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय सभासद जितेंद्र पांडे मौके पर पहुंचे और उपजिलाधिकारी सहित संबंधित अधिकारियों को स्थिति से अवगत कराते हुए तत्काल स्थलीय निरीक्षण एवं आवश्यक सुरक्षा उपाय करने का आग्रह किया। स्थानीय निवासी खुशहाल सिंह रावत, गणेश लोहनी, नारायण सिंह कार्की तथा प्रो. ललित तिवारी ने भी जिला प्रशासन से शीघ्र प्रभावी कार्रवाई कर क्षेत्रवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।

इसके अतिरिक्त नगर के सिल्वर्टन होटल के पास भी भूस्खलन हुआ है। यहां मुख्य मार्ग और आसपास स्थित होटलों पर भी खतरा नजर आ रही है। निकटवर्ती क्षेत्रों में भी भूस्खलन हो रहे हैं। विशेषकर भवाली अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर कैंची धाम के पास सड़क पर एक गिरने के साथ पाडली के पास खड़ी चट्टान से भूस्खलन हो रहा है। उधर खैरना से आगे छड़ा के पास भी भूस्खलन हो रहा है। ऐसे में स्थानीय निवासियों एवं यात्रियों से ऐसे मौसम में विशेष सावधानी बरतनी की अपील की जा रही है।

दूसरी ओर लगातार हो रही वर्षा से जनपद नैनीताल में जनजीवन प्रभावित हो गया है। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र की बुधवार सुबह 8 बजे तक की रिपोर्ट के अनुसार जिले में 24 घंटे के दौरान सर्वाधिक 124.4 मिमी वर्षा कैंचीधाम क्षेत्र में दर्ज की गई। भारी बारिश के कारण जिले के 5 राज्य मार्ग और 18 ग्रामीण मार्ग बंद हो गए हैं। वहीं वर्षा जनित घटनाओं में दो लोगों की मृत्यु तथा एक पशुहानि की सूचना है।

रिपोर्ट के अनुसार नैनीताल में 119 मिमी, भवाली में 118.5 मिमी, धारी में 96.2 मिमी, खनस्यू में 80 मिमी, हल्द्वानी में 72 मिमी, कालाढूंगी में 46 मिमी तथा रामनगर में 44 मिमी वर्षा दर्ज की गई। जिले में औसत वर्षा 86.3 मिमी रही। गोला नदी का जलस्तर 12,408 क्यूसेक, कोसी नदी का 5,080 क्यूसेक तथा नंधौर नदी का 556.62 क्यूसेक दर्ज किया गया। गौला और कोसी नदियां चेतावनी स्तर से नीचे बह रही हैं।

24 से अधिक मार्ग बंद

बारिश के कारण खुटानी - भवाली -धानाचूली, गर्जिया घुघुतीधार-चेतलाटाल - देवीधुरा, रानीबाग-भीमताल, गर्जिया-घुघुतीधार-बेतालघाट-खैरना, ओड़ाखान, भटेलिया-मुक्तेश्वर, खुटानी-पदमपुरी राज्य मार्ग, रामनगर-गैंडाखाल-अमगढ़ी राज्य मार्ग सहित कुल पांच राज्य मार्ग तथा विभिन्न विकासखंडों के 18 ग्रामीण मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं।

प्रशासन की ओर से जेसीबी के माध्यम से बंद पड़े मार्गों को खोेलने के प्रयास किये जा रहे हैं। संबंधित विभागों द्वारा मार्गों को खोलने का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार वर्षा जनित घटनाओं में दो व्यक्तियों की मृत्यु हुई है। एक पशुहानि की भी सूचना मिली है, जबकि किसी आवासीय भवन के क्षतिग्रस्त होने की सूचना नहीं है। नैनीताल क्षेत्र के नौकुचियाताल तथा हल्द्वानी क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति आंशिक रूप से प्रभावित रही।

प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी