नयार वैली फेस्टिवल में दूसरे दिन भी दिखा रोमांच
पौड़ी गढ़वाल, 27 फ़रवरी (हि.स.)। नयार वैली फेस्टिवल में दूसरे दिन कयाकिंग ने रोमांच की धार को एक नयी पहचान दी। नयार नदी की लहरों पर संतुलन, साहस और तकनीक का अद्भुत समन्वय देखने को मिला, जहां प्रतिभागियों ने तीव्र जलधाराओं को चुनौती देते हुए अपने कौशल का शानदार प्रदर्शन किया।
यह केवल एक साहसिक खेल नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और प्रकृति के साथ सामंजस्य का अनुभव भी है। प्रशिक्षित पेशेवर कयाकर्स की मौजूदगी में सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन करते हुए गतिविधि संपन्न हुई, जिससे प्रतिभागियों और दर्शकों दोनों में उत्साह बना रहा। नयार घाटी की हरियाली और कलकल बहती नदी के बीच कयाकिंग ने फेस्टिवल को रोमांच, ऊर्जा और जीवंतता से भर दिया। यह अनुभव प्रतिभागियों के लिए यादगार और दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया। वहीं, नयार वैली फेस्टिवल में एंगलिंग गतिविधि रोमांच और प्रकृति के अद्भुत संगम के रूप में उभर रही है। स्वच्छ व निर्मल नयार नदी की धाराओं में आयोजित इस प्रतियोगिता में देशभर से आए प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।
एंगलिंग के माध्यम से न केवल साहसिक पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि जल संरक्षण और नदी पारिस्थितिकी के प्रति जागरुकता का संदेश भी दिया जा रहा है। विशेषज्ञों की निगरानी में “कैच एंड रिलीज” पद्धति अपनाते हुए पर्यावरण संरक्षण का विशेष ध्यान रखा गया। नयार घाटी की प्राकृतिक सुंदरता के बीच आयोजित यह गतिविधि पर्यटन, रोमांच और पर्यावरण संतुलन का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आयी है।
हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह

