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ड्रीम सिटी परियोजना में करोड़ों की धोखाधड़ी, बिल्डर की पत्नी ने पूर्व साझेदार पर दर्ज कराया मुकदमा

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हरिद्वार, 10 मई (हि.स.)। शहर की बहुचर्चित “ड्रीम सिटी” आवासीय परियोजना एक बार फिर विवादों में घिर गई है। मृतक बिल्डर एवं अधिवक्ता सुरेंद्र पाल सिंह विर्क की पत्नी ने उनके पूर्व कारोबारी साझेदार रवि चौहान पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर लाखों रुपये की एफडीआर हड़पने, जमीनों पर कब्जा करने और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले में एसएसपी के निर्देश पर शहर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

ज्वालापुर स्थित सुभाष नगर निवासी रिचपाल कौर विर्क ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनके पति स्वर्गीय सुरेंद्र पाल सिंह विर्क और रवि चौहान साझेदारी में प्रॉपर्टी डीलिंग और बिल्डर का व्यवसाय करते थे। दोनों ने वर्ष 2013-14 में रानीपुर और ज्वालापुर क्षेत्र की कृषि भूमि पर “ड्रीम सिटी” नाम से आवासीय कॉलोनी विकसित की थी। इस परियोजना का लेआउट 17 जून 2014 को हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण से स्वीकृत कराया गया था।

शिकायत के अनुसार कॉलोनी परियोजना के लिए सुरक्षा मद में कुल 23 लाख 17 हजार रुपये की पांच एफडीआर विकास प्राधिकरण में जमा कराई गई थीं। इनमें चार एफडीआर पांच-पांच लाख रुपये और एक एफडीआर 3.17 लाख रुपये की थी।

रिचपाल कौर का आरोप है कि वर्ष 2015 में उनके पति की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद वह और उनके दोनों बेटे योरावर सिंह विर्क तथा सशवीर सिंह विर्क कानूनी वारिस बने। आरोप है कि पति की मौत के बाद रवि चौहान ने कथित रूप से फर्जी शपथपत्र तैयार कर उनके नाम से जाली हस्ताक्षर किए और दस्तावेज विकास प्राधिकरण में जमा कर दिए।

पीड़िता का कहना है कि इसी कथित फर्जीवाड़े के आधार पर 8 जनवरी 2016 को 13.17 लाख रुपये की एफडीआर अपने पक्ष में अवमुक्त करा ली गई और बाद में रकम बैंक खाते में ट्रांसफर कर ली गई। उन्हें इस कथित धोखाधड़ी की जानकारी हाल ही में तब हुई, जब वह ड्रीम सिटी परियोजना से जुड़े रिकॉर्ड की जानकारी लेने विकास प्राधिकरण कार्यालय पहुंची।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपी ने उनकी मानसिक स्थिति का फायदा उठाकर अन्य संपत्तियों में भी धोखाधड़ी की। रिचपाल कौर के अनुसार 23 अप्रैल 2026 को जब उन्होंने रवि चौहान से इस संबंध में बातचीत की, तो उसने और उसके बेटे ऋषभ चौहान ने कथित तौर पर बॉडीगार्डों के सामने उन्हें धमकाया और जमीन पर अपना दावा छोड़ने के लिए कहा।

इस संबंध में शहर कोतवाल कुंदन सिंह राणा ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। एफडीआर और संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला