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जिलेभर में लगातार अतिक्रमण अभियान जारी

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पौड़ी गढ़वाल, 13 जून (हि.स.)। जिले में सरकारी भूमि के संरक्षण, सार्वजनिक परिसंपत्तियों की सुरक्षा और विकास कार्यों के लिए उपलब्ध भूमि को अतिक्रमण मुक्त बनाए रखने की कार्रवाई जारी है। तहसील यमकेश्वर अंतर्गत गरुड़ चट्टी से लक्ष्मणझूला तक जिला प्रशासन एवं नगर पंचायत स्वर्गाश्रम के संयुक्त दल द्वारा विशेष अभियान संचालित किया गया।

अभियान के दौरान सार्वजनिक भूमि एवं मार्ग क्षेत्र में किए गए 13 अस्थायी अतिक्रमणों को हटाया गया। कार्रवाई के माध्यम से क्षेत्र में आवागमन को सुगम बनाने तथा सार्वजनिक परिसंपत्तियों के संरक्षण को सुनिश्चित किया गया। तहसील लैंसडाउन के ग्राम सुराड़ी स्थित गमूरों तोक में राजस्व विभाग द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान राजकीय भूमि पर किए गए दो अवैध कब्जों को हटाया गया। कार्रवाई के दौरान एक स्थान पर अस्थायी स्टोरनुमा ढांचा व दूसरे स्थान पर की गई तारबाड़ को हटाकर भूमि को मूल स्वरूप में बहाल किया गया। प्रशासन की पहल पर संबंधित व्यक्तियों द्वारा भी सहयोग प्रदान किया गया।

वहीं, राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-534 के दुगड्डा बाजार क्षेत्र में सड़क सुरक्षा और यातायात सुगमता के दृष्टिगत संयुक्त अभियान चलाया गया। पूर्व में चिन्हित एवं नोटिस प्राप्त अतिक्रमणों के विरुद्ध विभागीय टीमों ने कार्रवाई करते हुए मार्ग क्षेत्र में स्थापित अस्थायी संरचनाओं को हटाया। अभियान में लोक निर्माण विभाग, राजस्व विभाग तथा पुलिस प्रशासन की संयुक्त सहभागिता रही। कोटद्वार नगर निगम क्षेत्र में भी अतिक्रमण के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया गया।

नगर निगम, प्रशासन एवं पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के दौरान 12 चिन्हित अस्थायी अतिक्रमणों को हटाया गया। अभियान के तहत सार्वजनिक मार्गों एवं आमजन के आवागमन में बाधा उत्पन्न कर रहे अस्थायी ढांचों को हटाकर क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त किया गया। नगर पालिका परिषद पौड़ी क्षेत्र में भी सार्वजनिक मार्गों को व्यवस्थित बनाए रखने के उद्देश्य से पोस्ट ऑफिस से बस स्टेशन तक विशेष अभियान चलाया गया, जिसके तहत सड़क किनारे किए गए अस्थायी अतिक्रमणों को हटाया गया।

इससे आवागमन की सुविधा बेहतर होने के साथ-साथ सार्वजनिक स्थलों की उपयोगिता भी बढ़ी है। तहसील रिखणीखाल के ग्राम जामरी में भी राजस्व भूमि पर किए गए अवैध कब्जों को हटाकर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि राजकीय भूमि का संरक्षण शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है और इस दिशा में नियमित कार्रवाई जारी रहेगी।

हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह