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कवियों ने समसामयिक विषयों पर किया काव्य पाठ

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पौड़ी गढ़वाल, 19 जनवरी (हि.स.)। नूतन वर्ष अभिनंदन के अवसर पर साहित्यिक संस्था आखर और रामलीला समिति के संयुक्त तत्वावधान में स्थानीय कवियों द्वारा एक काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में कवियों ने समसामयिक विषयों पर काव्य पाठ किया। वरिष्ठ कवि वीरेंद्र खंकरियाल ने गुजरे हुए साल का पता नहीं चलता, साल की इस चाल का पता नहीं चलता।

लुट गई इक उम्र इस गुजरे हुए साल में, इस लूटी हुई उम्र का पता नहीं चलता।। से नए साल की खुशियों में घटती उम्र का शानदार चित्रण किया। युवा कवि नवीन दर्द ने बहते चले गए साल दरिया के पानी की तरह, और जिंदगी बर्फ की तरह एक जगह जमी रह गई। युवा कवि विजय कप्रवाण ने महाभारत के प्रसंग में भीष्म की लाचारी को अपने शब्दों में पिरोते हुए कहा कि भीष्म यहां लाचार खड़ा है, हे! राम तुम्हें आना होगा कवि अद्वैत बहुगुणा ने लोकभाषा गढ़वाली में व्यंग्य की कुछ इस अंदाज़ में बयां किया कि बेली आग ब्वे जगौणी, बुबा ढमडा टेट छन।

युवा नवोदित कवि मनोज साहनी ने समाज की व्यथा को उजागर करते हुए कहा यूं इतना आसान नहीं होता पागल हो जाना, हजारों पत्थर तोड़ने पड़ते हैं, चंद पत्थर मारने के खातिर। युवा नवोदित कवि प्रवीण असवाल ने अपने जज्बातों को कुछ इस तरह पेश किया कि लिखता नहीं हूं मैं, लिखने की कोशिश हर बार करता हूं। अपना ही लिखा पड़ने की कोशिश हर बार करता हूं।

कवि प्रमोद ने समाज में व्याप्त अवसाद को अपने शब्दों में पिरोते हुए कहा किमै इतना ऊब चुका हूं के किसी की सुनता नहीं, मन में खुदकुशी के सिवा कुछ बनता नहीं। इनके अलावा सर्वेश कुकरेती, कवियित्री अंजलि डूडेजा,रीना मुयाल और रोशनी कुंवर ने भी बेहतरीन काव्य पाठ किया।

इससे पूर्व कवियित्री अंजलि डूडेजा का काव्य संग्रह पुस्तक अंजलि निनाद का विमोचन मुख्य अतिथि वरिष्ठ रंगकर्मी गौरी शंकर थपलियाल द्वारा किया गया। उन्होंनेअंजलि निनाद काव्य संग्रह को सामाजिक परिवेश के विभिन्न पहलुओं का पुष्प गुच्छ बताया। उन्होंने कहा है कवियित्री अंजलि डूडेजा की रचनाधर्मिता जीवन के विभिन्न पहलुओं को उजागर करती है जो काबिले तारीफ है। कवियित्री अंजलि डूडेजा ने कहा कि अपने शहर में अपने काव्य संग्रह का परिचय और विमोचन मेरे लिए गौरव की बात है। उन्होंने काव्य संग्रह को सामाजिक चेतना का परिचायक बताया।

इस अवसर पर हरि किंगर, उमेश डोभाल स्मृति ट्रस्ट के सचिव नरेश चंद्र नौडियाल, सोशल एक्टिविस्ट सुरेश नौटियाल, आशीष नेगी, हिमांशु चौहान छुनकी, शिवचन्द गुलाटी, सुमित किंगर आदि मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह