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उपनल कर्मचारियों की पैरवी में उतरे धस्माना, अनुबंध पत्र काे बताया काला कानून

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देहरादून, 03 अप्रैल (हि.स.)। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि कार्मिक विभाग ने 10 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके उपनल कर्मियों को अनुबंध पत्र थमा दिए हैं, जबकि उन्हें समान कार्य के बदले समान वेतन व पक्की नौकरी देने की बात हुई थी। उन्होंने कहा कि यह अनुबंध पत्र वास्तव में एक “काला कानून” है। ऐसा दस्तावेज़, जो कर्मचारियों के अधिकारों को कुचलने और उनके भविष्य को बंधक बनाने के लिए तैयार किया गया है।

कांग्रेस नेता धस्माना शुक्रवार काे यहां देहरादून स्थित अपने कैंप कार्यालय में मीडिया से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह अनुबंध धामी सरकार की दमनकारी, निरंकुश और तानाशाही सोच का आईना है। इस अनुबंध की शर्तें किसी लोकतांत्रिक सरकार के नहीं, बल्कि एक शोषणकारी तंत्र के प्रतीक है। उन्होंने कहा कि अनुबंध के जरिए कर्मचारियों को स्थायी अधिकारों से वंचित कर पूरी तरह अस्थायी बना देना, महंगाई भत्ते के अलावा सभी मूलभूत लाभ जैसे ग्रेच्युटी तक छीन लेना, समान कार्य के बदले समान वेतन की मांग को “अनुशासनहीनता” बताकर दबाना, हर समय ट्रांसफर और पद परिवर्तन का भय बनाकर रखना, सेवा को साल-दर-साल अस्थिरता में झोंक देना, बीमारी या “अयोग्यता” के नाम पर बिना चेतावनी नौकरी खत्म करना, एक महीने की नोटिस पर मनमानी तरीके से सेवा समाप्त करने का खुला अधिकार है। इससे यह स्पष्ट है कि इस अनुबंध का हर प्रावधान कर्मचारियों को कमजोर, भयभीत और असहाय बनाने के लिए गढ़ा गया है, जिसमें कर्मचारी हितों का नामोनिशान तक नहीं है।

धस्माना ने कहा कि सरकार की मंशा साफ है कि उपनल कर्मियों से दबाव में हस्ताक्षर करवाकर, उन्हें कानूनी रूप से इतना कमजोर कर दिया जाए कि भविष्य में उनकी नौकरी कभी भी छीनी जा सके। कांग्रेस उपाध्यक्ष धस्माना ने कहा कि पुष्कर सिंह धामी सरकार द्वारा नियमितीकरण को लेकर बार-बार किए गए वादे अब पूरी तरह झूठे और खोखले साबित हो चुके हैं। यह भाजपा सरकार की कथनी और करनी के बीच की खाई अब साफ दिख रही है। उन्होंने कहा कि यह केवल वादाखिलाफी नहीं, बल्कि हजारों परिवारों के सपनों और अधिकारों के साथ किया गया निर्मम धोखा है।

सूर्यकांत धस्माना ने इसे “काला अनुबंध” बताते हुए इसके खिलाफ तीखा विरोध दर्ज करते हुए कहा है कि वे और प्रदेश कांग्रेस उपनल कर्मचारियों के साथ मजबूती से खड़े हैं और इस अन्याय के खिलाफ हर स्तर पर निर्णायक संघर्ष किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब यह लड़ाई केवल उपनल कर्मचारियों की नहीं रही, यह न्याय, सम्मान और अधिकार की लड़ाई बन चुकी है।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ विनोद पोखरियाल