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आपदा के चलते पिछले 12 दिनों से रतजगा के लिए विवश हैं किमाणा गाँव के ग्रामीण

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आपदा के चलते पिछले 12 दिनों से रतजगा के लिए विवश हैं किमाणा गाँव के ग्रामीण


ज्योतिर्मठ, 02 अगस्त (हि.स.)। ज्योतिर्मठ ब्लॉक का किमाणा गाँव भूस्खलन की चपेट मे है, हल्की बारिश मे भी भूस्खलन का मलबा बड़े बड़े बोल्डर के साथ गाँव मे पहुँचकर भारी नुकसान कर रहा है, बीते कई दिनों से ग्रामीण रतजगा को विवश है। बीती 21 जुलाई से शुरू हुई आफत की बारिश पिछले बारह दिनों से किमाणा गाँव पर कहर बन कर बरप रही है।

लगातार बारिश व भूस्खलन के कारण गाँव के ठीक ऊपर से बहकर आ रहा मलबा सब कुछ अपने चपेट मे लेता हुआ गाँव तक पहुंच रहा है, नगदी फसलों व गौशालाओं को तो नुकसान हो ही रहा है, ग्रामीण पूरी रात घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों मे रात गुजार रहे हैं। ग्राम प्रधान शशि देवी ने बीती रात्रि को ही करीब साढ़े बारह बजे गाँव की हालात व टार्च के सहारे जान बचाते हुए इधर उधर भाग रहे ग्रामीणों का वीडियो व फोटो स्थानीय प्रशासन को भी भेजा। किमाणा गाँव की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है।

इधर शनिवार को स्थानीय प्रशासन के साथ ही बद्रीनाथ के विधायक लखपत बुटोला व ब्लॉक प्रमुख अनूप नेगी सहित अन्य जन प्रतिनिधियों ने किमाणा गाँव पहुंचकर हालात का जायजा लेते हुए हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। एसडीएम चन्द्रशेखर वशिष्ठ के अनुसार प्रशासन द्वारा ग्रामीणों को टेंट व त्रिपाल वितरित किए गए हैं, क्षतिग्रस्त गौशालाओं का मानकों के अनुरूप मुआवजा दिया जाएगा। प्रशासन व आपदा प्रबंधन की टीम स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / प्रकाश कपरुवाण