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समृद्ध लोक सांस्कृतिक विरासत और बेड़ा परंपरा पर कार्यशाला का आयाेजन

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समृद्ध लोक सांस्कृतिक विरासत और बेड़ा परंपरा पर कार्यशाला का आयाेजन


समृद्ध लोक सांस्कृतिक विरासत और बेड़ा परंपरा पर कार्यशाला का आयाेजन


नई टिहरी, 19 अगस्त (हि.स.)। विवेक मेमोरियल सुरगंगा संगीत विद्यालय के निदेशक डॉ. विकास फोंदणी के निर्देशन में राजीव गांधी नवोदय विद्यालय देवलधार में उत्तराखंड की समृद्ध लोक सांस्कृतिक विरासत और बेड़ा परंपरा को लेकर कार्यशाला आयोजित की गई। कहा कि इन विलुप्त होती कालाओं का संरक्षण किया जाना जरूरी है।

बुधवार को देवलधार में आयोजित कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को उत्तराखंड की पारंपरिक लोक कलाओं, लोक संगीत सहित विलुप्त होती सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। डॉ. फोंदणी ने उत्तराखंड की बेड़ा परंपरा पर आधारित डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन किया। जिससे विद्यार्थियों को बेड़ा परंपरा के सांस्कृतिक महत्व, लोक संगीत सहित इससे जुड़ी परंपराओं, वर्तमान समय में इसके बदलते स्वरूप के बारे में जानकारी दी गई। कहा कि लोक परंपराएं हमारी सांस्कृतिक पहचान और विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

इनके संरक्षण के लिए नई पीढ़ी को इन परंपराओं से परिचित कराना और इनके प्रति संवेदनशील बनाना जरूरी है। स्कूल के प्रधानाचार्य एपीएस नेगी ने कहा कि लोक कला को समझने के लिए गीत-संगीत और वस्तुस्थिति को समझना जरूरी है। इस अवसर पर प्रवीण बिजल्वाण, आरती बिजल्वाण, अमित अरोड़, आदित्य पांडे मौजूद रहे। विद्यार्थियों ने डॉ. विकास से उक्त विषय से जुड़े प्रश्न पूछे और जिज्ञासा व्यक्त की।

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश रतूड़ी